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Tuesday, October 16, 2012
तापी गैस पाइपलाइन
तुर्कमेनिस्तान के पास विश्व के कुल प्राकृतिक गैस का चार प्रतिशत भंडार है. तापी गैस पाइपलाइन तुर्कमेनिस्तान के दौलताबाद गैस फील्ड से प्रारंभ होकर अफगानिस्तान के हेरात-कंधार से होते हुए पाकिस्तान के कोएटा और मुल्तान पहुंचेगी. गैस पाइपलाइन भारत-पाकिस्तान सीमा के फजिल्का में खत्म होगी.तापी पाइपलाइन की क्षमता प्रतिदिन 90 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस सप्लाई करने की होगी. तीस साल तक सप्लाई के लिए हुआ तैयार होनेवाली परियोजना साल 2018 से चालू होगी.
2017 तक देश में लगभग 30 हजार किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन प्राप्त करने का लक्ष्य
गैस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत ने तरल प्राकृतिक गैस की सुविधाएं विकसित करने के लिए तेजी से निवेश किया है। कोच्चि और दाभोल में एलएनजी के नये केंद्र स्थापित होने से वर्ष 2012-13 तक देश की 1.40 करोड़ टन वार्षिक एलएनजी आयात करने की क्षमता, दो करोड़ टन वार्षिक तक हो जाने की संभावना है। पाइपलाइन विकास का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। भारतीय गैस प्राधिकरण पाइपलाइन लंबाई का विस्तार करके अपनी पाइपलाइन लंबाई को मौजूदा 9 हजार किलोमीटर से बढ़ाकर 2014 तक लगभग 14500 किलोमीटर कर लेगा। इस अवधि के दौरान निजी क्षेत्र की कंपनियों के भी पाइपलाइन लम्बाई 5000 किलोमीटर बढ़ाए जाने की संभावना है। बारहवीं पंचवर्षीय योजना के अंतिम वर्ष 2017 तक देश में लगभग 30 हजार किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन प्राप्त करने का लक्ष्य है।
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