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Tuesday, October 16, 2012

प्राकृतिक गैस का उपयोग अधिक आपूर्ति सुरक्षा प्रदान करता है..

ऊर्जा के विविध स्रोतों के विकल्‍प के रूप में प्राकृतिक गैस का उपयोग अधिक आपूर्ति सुरक्षा प्रदान करता है और सतत आर्थिक उन्नति तथा विकास में भी सहायक है। अन्‍य हाईड्रोकार्बन स्रोतों की तुलना में गैस का प्रयोग न सिर्फ सस्‍ता है, बल्कि कई उपभोक्‍ता उद्योगों के लिए पर्यावरण की दृष्टि से भी अनुकूल है। बिजली उत्‍पादन के लिए गैस एक बेहतर ईंधन है, उर्वरक उत्‍पादन में उपयोगी है और परिवहन के लिए एक स्‍वच्‍छ वैकल्पिक ईंधन है।

दुनिया की सबसे लम्बी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन

चीन की द्वितीय पूर्वी-पश्चिमी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन दुनिया की सबसे लम्बी पाइपलाइन है। मध्य एशिया और चीन को जोड़ने वाली यह प्राकृतिक गैस पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस तुर्कमेनिस्तान से पूर्वी चीन के पर्ल नदी डेल्टा क्षेत्र तक जाएगी। इस क्रम में वह देश के 15 प्रांतों से गुजरेगी। पाइपलाइन की कुल लम्बाई 8,700 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 21.98 अरब डॉलर की लागत आई है।

विश्व में रूस और ईरान के बाद कतर के पास प्राकृतिक गैस के तीसरे सबसे अधिक प्राकृतिक गैस के भंडार हैं..

विश्व में रूस और ईरान के बाद कतर के पास प्राकृतिक गैस के तीसरे सबसे अधिक प्राकृतिक गैस के भंडार हैं. कतर की निर्यात की क्षमता प्रतिवर्ष 7 करोड़ 70 सत्तर लाख टन एलएनजी की है.

रूस के पास विश्व में प्राकृतिक गैस का सर्वाधिक भंडार है..

रूस के पास विश्व में प्राकृतिक गैस का सर्वाधिक भंडार है। इसके बाद ईरान का स्थान आता है। रूस, यूएसए तथा कनाडा विश्व के तीन सबसे बड़े प्राकृतिक गैस उत्पादक हैं। इसके उत्पादन में ईरान का चौथा स्थान है।भारत की विश्व के प्राकृतिक गैस उत्पादन में 1 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश में अप्रैल-फरवरी 2008-09 के दौरान प्राकृतिक गैस का समग्र उत्पादन 30,019 मिलियन क्यूबिक मीटर रहा।

कोयले से इतर प्राकृतिक गैस में अपेक्षाकृत प्रतिस्पर्धी बाजार ढांचे की संभावनाएं छिपी हैं..

प्राकृतिक गैस कोयले की तुलना में सस्ती तथा परमाणु ऊर्जा की तुलना में सुरक्षित है और बड़े पैमाने पर इसको प्रतिस्पर्धी नवीन ऊर्जा की ओर बढऩे वाला कदम माना जा रहा है। कम पूंजीगत लागत और गैस आधारित बिजली संयंत्रों में किफायत इसे अधिक अनुकूल बनाती है। कोयले से इतर प्राकृतिक गैस में अपेक्षाकृत प्रतिस्पर्धी बाजार ढांचे की संभावनाएं छिपी हैं।

प्राकृतिक गैस को मुख्यतः औद्योगिक, आवसीय, व्यावसायिक, परिवहन तथा विद्युत ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में उपयोग किया जाता है..

प्राकृतिक गैस अपनी अन्तर्निहित पर्यावरण अनुकूलता, भारी कार्य क्षमता तथा किफायती होने की वजह से सर्वाधिक वरीयता प्राप्त ईंधन के रूप में उभरकर सामने आया हैं। यह रंगहीन, गंधहीन, पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोत है। यह एक उच्च ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन गैस है, जिसको मुख्य घटक मीथेन है। इसमें ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ईंधन, ईथीलेन तथा हीलियम गैस भी शामिल होती है।

प्राकृतिक गैस

मिथेन क्लैथरेट्स के रूप में कोयले की तह में जीवाश्म ईंधन के साथ पाया जाता है।प्राकृतिक गैस में 95% हाइड्रोकार्बन होता है. सामान्यत यह मेथेन, एथेन, प्रोपेन, ब्युटेन, पेन्टेन का मिष्रण है.

पिछले पांच वर्षों में भारत और चीन में प्राकृतिक गैस की खपत में क्रमश: 14 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ोतरी हुई है..

पिछले पांच वर्षों में भारत और चीन में प्राकृतिक गैस की खपत में क्रमश: 14 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ोतरी हुई है, एशियाई अर्थव्‍यवस्‍था में गैस के उपयोग में यह वृद्धि इस बात को दर्शाती है कि यह क्षेत्र भविष्‍य में विश्‍व के गैस बाजारों के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकता है। एशिया प्रशांत क्षेत्र और विशेष रूप से ऑस्‍ट्रेलिया तथा मध्‍य-पूर्व क्षेत्र, गैस आपूर्ति के मुख्‍य स्रोत के रूप में उभरा है, चीन और भारत के नेतृत्‍व में एशियाई क्षेत्र भी गैस आपूर्ति का मुख्‍य केंद्र बनता जा रहा है। एशिया प्रशांत क्षेत्र दुनिया की कुल तरल प्राकृतिक गैस का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए एशियाई क्षेत्र में गैस क्षेत्र में व्‍यापार, निवेश, कौशल और सेवाओं को बढ़ावा मिल रहा है.