जिज्ञासा
हमारा सारा ज्ञान एवं सारी योग्यताएं जिज्ञासा के बिना व्यर्थ हैं--रबींद्रनाथ टैगोर
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Wednesday, November 14, 2012
महबूब खान
1940 में आई महबूब खान की 'औरत' ने हिंदी सिनेमा में नारी की शक्ति को एक नई पहचान दी, जिसमें डकैत बनकर गांव की बहू-बेटियों पर हाथ डालने वाले बेटे को उसकी मां ही गोली मार देती है।
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