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Monday, September 3, 2012

हमने आधुनिक भारत का निर्माता खो दिया है.

तिलक ने भारतीय दर्शन और संस्कृति पर अनेक रचनाएँ की। मांडले जेल में रचित अपनी पुस्तक ‘गीता रहस्य’ में उन्होंने श्रीमदभगवद्गीता के कर्मयोग की वृहद व्याख्या की। इसके अतिरिक्त उन्होंने ‘आर्कटिक होम इन द वेदास’, ‘द हिंदू फिलॉसफी ऑफ लाइफ, ‘इथिक्स एंड रिलिजन’, ‘वैदिक क्रोनोलॉजी एंड वेदांग ज्योतिष’ आदि पुस्तकों की रचना की.
1 अगस्त, 1920 को तिलक ने मुंबई में अपनी अंतिम साँस ली।तिलक की मृत्यु पर महात्मा गाँधी ने कहा - ‘हमने आधुनिक भारत का निर्माता खो दिया है.'

1908 में सरकार ने तिलक पर राजद्रोह का आरोप लगाकर मुकदमा चलाया.

सन 1908 में सरकार ने तिलक पर राजद्रोह का आरोप लगाकर मुकदमा चलाया. तिलक का मुकदमा मुहम्मद अली जिन्ना ने लड़ा। परंतु तिलक को 6 वर्ष कैद की सजा सुना दी गई. उन्होंने गणेश उत्सव, शिवाजी उत्सव आदि को व्यापक रूप से मनाना प्रारंभ किया। उनका मानना था कि इस तरह के सार्वजनिक मेल-मिलाप के कार्यक्रम लोगों में सामूहिकता की भावना का विकास करते हैं.

हिन्दू राष्ट्रवाद का पिता

बाल गंगाधर तिलक भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के पहले लोकप्रिय नेता थे. उन्होंने "द आर्कटिक होम इन द वेदास" नामक पुस्तक में खगोल शास्त्र के उद्धरण देकर साबित किया कि वेद आर्कटिक क्षेत्र में लिखे गए थे. उन्होंने 'इंडियन होमरूल लीग' की स्थापना सन् 1914 ई. में की और इसके अध्यक्ष रहे तथा सन् 1916 में मुहम्मद अली जिन्ना के साथ लखनऊ समझौता किया.