Showing posts with label सुभद्राकुमारी चौहान. Show all posts
Showing posts with label सुभद्राकुमारी चौहान. Show all posts
Friday, September 7, 2012
सुभद्राकुमारी चौहान का पहला काव्य-संग्रह 'मुकुल' 1930 में प्रकाशित हुआ...
सुभद्राकुमारी चौहान का पहला काव्य-संग्रह 'मुकुल' 1930 में प्रकाशित हुआ।'झाँसी की रानी' इनकी बहुचर्चित रचना है।वीरों का कैसा हो वसन्त,उनकी एक प्रसिद्ध देश-प्रेम की कविता है.
परिमलहीन पराग दाग़-सा बना पड़ा है..
परिमलहीन पराग दाग़-सा बना पड़ा है
हा! यह प्यारा बाग़ ख़ून से सना पड़ा है।
आओ प्रिय ऋतुराज! किंतु धीरे से आना
यह है शोक स्थान यहाँ मत शोर मचाना।
कोमल बालक मरे यहाँ गोली खा-खाकर
कलियाँ उनके लिए गिराना थोड़ी लाकर.
हा! यह प्यारा बाग़ ख़ून से सना पड़ा है।
आओ प्रिय ऋतुराज! किंतु धीरे से आना
यह है शोक स्थान यहाँ मत शोर मचाना।
कोमल बालक मरे यहाँ गोली खा-खाकर
कलियाँ उनके लिए गिराना थोड़ी लाकर.
Subscribe to:
Posts (Atom)