Monday, December 31, 2012

भारत में जल की मांग और उपलब्धता

केन्द्रीय जल आयोग तथा जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार भारत में जल की मांग और उपलब्धता संतोषजनक है। लगभग 1100 (1093) अरब घन मीटर जल की आवश्यकता सन 2025 तक होने का मंत्रालय का अनुमान है। राष्ट्रीय आयोग के अनुसार यह मांग 2050 तक 973 से 1180 अरब घन मीटर होगी।

फीकल कोलिफार्म

गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों का बुरा हाल है। बनारस, जहां करोड़ों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते हैं, में प्रति एक सौ मिलीमीटर पानी में फीकल कोलिफार्म नामक बैक्टीरिया की मात्रा 60 हजार है। इस लिहाज से जो पानी स्नान के लिए सुरक्षित माना जाता है, उससे यह पानी 120 गुना ज्यादा खतरनाक है। यमुना में इसी बैक्टीरिया की तादाद 10 हजार है।

दुनिया के चार प्रमुख प्रदूषित शहरों में गुजरात का वापी शहर शामिल है।

टाइम पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के चार प्रमुख प्रदूषित शहरों में गुजरात का वापी शहर शामिल है। इस नगर में 400 किलोमीटर लंबी औद्योगिक पट्टी है। इन उद्योगों में कामगार और वापी के रहवासी कथित औद्योगिक विकास की बड़ी कीमत चुका रहे हैं। वापी के भूगर्भीय जल में पारे की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय मानकों से 96 प्रतिशत ज्यादा है। यहां की वायु में धातुओं का संक्रमण जारी है, जो फ़सलों को नुकसान पहुंचा रहा है।

Tuesday, December 25, 2012

दक्षिण चीनी सागर में गंभीर हो रहे क्षेत्रीय विवाद में चीन और भारत आपस में टकरा रहे हैं

दक्षिण चीनी सागर में गंभीर हो रहे क्षेत्रीय विवाद में चीन और भारत आपस में टकरा रहे हैं. मामले की जड़ में मुद्दा तेल है. चीन लगभग पूरे दक्षिणी चीन सागर पर अपना दावा कर रहा है. वियतनामी तट से 70 किलोमीटर दूर चीन तेल के नौ कुएं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को दे रहा है. लेकिन इनमें से दो कुएं वियतनाम ने पहले से ही भारत को देने का वायदा कर रखा है.

1962 में युद्ध के बाद से भारत में चीन के प्रति गहरा अविश्वास है..

1962 में युद्ध के बाद से भारत में चीन के प्रति गहरा अविश्वास है. इस अविश्वास को इस बात से और बल मिलता है कि चीन भारत के विकास को रोकना चाहता है. इसका एक उदाहरण सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट पाने की भारत की कोशिश है.चीन भारत को सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट देने के विचार से उत्साहित नहीं है लेकिन उसने कभी खुल कर इसके खिलाफ बोला नहीं है.चीन भारत को अपने लीग का खिलाड़ी नहीं मानता. चीन अमेरिका के साथ एक धरातल पर खेलना चाहता है न कि भारत के साथ. इसलिए चीन को पाकिस्तान की जरूरत है, ऊर्जा सुरक्षा, हिंद महासागर में प्रवेश और चीनी विदेश व्यापार के परिवहन की सुरक्षा के लिए. चीन और भारत के धुर दुश्मन पाकिस्तान के रिश्ते बहुत करीबी हैं.

चीन में इस तरह की योजनाएं हैं कि ब्रह्मपुत्र के पानी को सूखा प्रभावित इलाकों में मोड़ दिया जाए..

उत्तरी चीन और भारत में सूखे की समस्या को देखते हुए पानी के इस्तेमाल का मुद्दा नए प्रकार के विवाद की संभावना रखता है.ग्लोबल वॉटर सिक्योरिटी के लेखकों का कहना है कि आने वाले दिनों में पानी को लेकर ज्यादा झगड़े होंगे. आबादी के बढ़ने और जलवायु परिवर्तन के कारण संसाधन घट रहे हैं और मांग बढ़ रही है. चीन ने मेकांग, सालवीन और ब्रह्मपुत्र नदियों पर बांध बनाना शुरू कर दिया है. नदियों के निचले हिस्से वाले देशों में इस पर चिंता है कि उनके हिस्से में नदियों में पानी कम हो सकता है.चीन में इस तरह की योजनाएं हैं कि ब्रह्मपुत्र के पानी को सूखा प्रभावित इलाकों में मोड़ दिया जाए. तकनीकी रूप से यह फिलहाल संभव नहीं है, लेकिन भारत चिंतित है.

माओत्से तुंग ने ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ आंदोलन की असफलता के बाद सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी पर अपना फिर से नियंत्रण कायम करने के लिए भारत के साथ वर्ष 1962 का युद्ध छेड़ा था..

माओत्से तुंग ने ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ आंदोलन की असफलता के बाद सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी पर अपना फिर से नियंत्रण कायम करने के लिए भारत के साथ वर्ष 1962 का युद्ध छेड़ा था.साल 1962 में ग्रेट लीप फॉरवर्ड (जीएलएफ) के बाद माओत्से ने सत्ता और प्राधिकार खो दिया. वह अब देश के प्रमुख नहीं थे और वह तथाकथित दूसरी पंक्ति में चले गए.

Friday, December 21, 2012

'नैशनल मेडल ऑफ टेक्नॉलजी अवॉर्ड'

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आईबीएम के एक रिसर्चर और भारतीय मूल के अमेरिकी रंगास्वामी श्रीनिवासन को ' नैशनल मेडल ऑफ टेक्नॉलजी फॉर इनोवेशन ' के लिए नॉमिनेट किया.श्रीनिवासन के साथ ओबामा ने 12 अन्य रिसर्चर्स को 'नैशनल मेडल ऑफ साइंस' के लिए और 10 अन्य को 'नैशनल मेडल ऑफ टेक्नॉलॉजी ऐंड इनोवेशन' के लिए नॉमिनेट किया है.

Friday, November 16, 2012

चीन में हर दस साल में नेतृत्व परिवर्तन होता है..

चीन में नए नेताओं का ऐलान कर दिया गया है. शी जिनपिंग सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता चुने गए हैं और वहीं देश के अगले राष्ट्रपति होंगे.शी मौजूदा राष्ट्रपति हू चिनताओ का स्थान लेंगे जो साल 2003 से चीनी सत्ता की बागडोर संभाले हुए हैं. चीन में हर दस साल में नेतृत्व परिवर्तन होता है.पोलित ब्यूरो की नई स्थायी समिति के सदस्यों की संख्या नौ से घटा कर सात कर दी गई है. नई समिति में शी जिनपिंग, ली केचियांग, छांग डेजियांग, लियु युनशान, वांग किशान और छांग गाओली शामिल हैं.

भारत और चीन एक साथ ‘जी-20’ और ‘ब्रिक्स’ जैसे समूह के सदस्य हैं..

भारत और चीन एक साथ ‘जी-20’ और ‘ब्रिक्स’ जैसे समूह के सदस्य हैं.कूटनीतिक स्तर पर दोनों देशों के बीच अविश्वास और प्रतिस्पर्धा का रुख कायम है. चीन पाकिस्तान को सहोयग करता है जो अपने आप में भारत के लिए एक बड़े संशय का कारण है. चीन में एक पार्टी की सत्ता है और पार्टी की तरफ से चुना गया नेता राष्ट्र प्रमुख होता है. वहीं भारत लोकतांत्रिक देश हैं. दोनों मुल्कों के बीच 15 से ज्यादा बैठकें हुई हैं जो ये उम्मीद जगाता है कि आने वाले दिनों में इनके बीच के रिश्तों में परिपक्वता आएगी.

1962 के युद्ध ने भारत-चीन के रिश्ते में खटास ला दी..

1962 के युद्ध ने भारत-चीन के रिश्ते में खटास ला दी. यहीं से दोनों राष्ट्रों के बीच अविश्वास का सिलसिला शुरू हुआ. 1950 तक तो भारत-चीन के बीच रिश्तों की गरमाहट दुनिया जानती थी.1988 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी चीन के दौरे पर गए.इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में बदलाव आए, नीतियों में बदलाव हुए और व्यापारिक स्तर पर संबंधों में प्रगाढ़ता दिखने लगी.आज भारत-चीन के बीच करीब 80 अरब डॉलर का व्यापार है और आने वाले दिनों में इसके 100 अरब डॉलर होने की उम्मीद भी जताई जा रही है.

Wednesday, November 14, 2012

वी. शांताराम

वी. शांताराम ने 1939 में महिला सशक्तीकरण पर 'आदमी' फिल्म बनाई, जिसमें प्रेमिका प्रेमी के लिए यह संदेश छोड़कर जाती है कि प्यार में जान मत देना, जीवन जीने के लिए है।

महबूब खान

1940 में आई महबूब खान की 'औरत' ने हिंदी सिनेमा में नारी की शक्ति को एक नई पहचान दी, जिसमें डकैत बनकर गांव की बहू-बेटियों पर हाथ डालने वाले बेटे को उसकी मां ही गोली मार देती है।

Monday, November 12, 2012

चीनी महिलाओं की भागीदारी के मामले में 1975 में चीन का स्थान विश्व में 12वां था जो कि आज खिसककर 64वें स्थान पर पहुंच गया ..

चीनी संसद की कम से कम 22 फीसदी सीटें महिलाओं को दी जानी चाहिए. लेकिन हक़ीक़त में 21.3 फीसदी सीटों पर ही महिलाएं विद्यमान हैं. महिलाओं की भागीदारी में गिरावट की वजह ये है कि उनका कोटा अनिवार्य नहीं है. चीन में शक्तिशाली बनने के लिए ये ज़रूरी है कि आप दावतों में शिरकत करें और जमकर नेटवर्किंग करें. इसके साथ ही चीन की खास शराब बाइजियू का भी सेवन करें.

सिपला ने कैंसर की अपनी तीन दवाओं की कीमत 64 फीसदी घटाने की घोषणा की..

सिपला ने कैंसर की अपनी तीन दवाओं की कीमत 64 फीसदी घटाने की घोषणा की है.एरलोसिप, डोसीटैक्स, केपगार्ड नामक कैंसर की ये तीन दवाएं फेफड़े, मस्तिष्क, स्तन और शरीर में पनपने वाले दूसरे कई तरह के कैंसर के इलाज में काम आती हैं.एरलोसिप की 30 गोलियां अब 9000 रुपए में उपलब्ध होंगी जिनकी कीमत पहले 27,000 रुपए थी. फेफड़ों, मस्तिष्क और स्तन कैंसर में काम आने वाली दवा डोसीटैक्स पहले 3300 रुपए की थी लेकिन अब इसकी कीमत 1,650 होगी.

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते-रमन्ते तत्र देवता

समुद्र मंथन में जिन 14 रत्नों की प्राप्ति हुई, उनमें लक्ष्मी यानी धन संपत्ति की देवी भी थीं। वह समृद्धि, ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। इसी तरह समुद्र मंथन के दौरान ही धनवंतरि भी उद्घाटित हुए जिससे जीवन मूल्यों, जीवन जीने की संहिताएं व स्वास्थ्य सुदृढ़ बनाने के उपाय व्यवहार में लाए गए। भारतीय संस्कृति में नारी को नारायणी अर्थात गृहलक्ष्मी निरूपित करते हुए मान्यता प्रदान की है कि 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते-रमन्ते तत्र देवता' कहा गया है.

पांच दिवसीय दीपावली उत्सव धनतेरस से शुरू होता है..

पांच दिवसीय दीपावली उत्सव धनतेरस से शुरू होता है। इस दिन धनवंतरि का प्रगट दिवस मनाकर आयु तथा आरोग्य, स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों के बारे में प्रार्थना, चिंतन व मनन किया जाता है। शाम को यम के प्रति हर घर में दीप का दान इस भाव से किया जाता है कि किसी को भी अकाल मृत्यु का भय नहीं सताए।

गिरीश कर्नाड ने टैगोर को "दोयम दर्जे का नाटककार" बताया..

गिरीश कर्नाड ने टैगोर को "दोयम दर्जे का नाटककार" बताया.गिरीश कर्नाड ने कहा है, ''टैगोर एक महान कवि थे लेकिन नाटककार दोयम दर्जे के थे.'' इससे पहले नोबेल पुरस्कार विजेता लेखक वीएस नायपॉल की कड़ी आलोचना की थी.कर्नाड ने नायपॉल को 'संगीत की कद्र न करने वाला' और सम-सामयिक विषयों पर एक 'गैर भरोसेमंद' लेखक बताया था.

मैं ऐसी फिल्मों का चुनाव करना चाहता हूँ जिसमे में कुछ खास हो...

''मैं ऐसी फिल्मों का चुनाव करना चाहता हूँ जिसमे में कुछ खास हो. जिन फिल्मों से मैं कुछ नया सीखूं. एक कलाकार के तौर पर जिस रोल को करने में मुझे मज़ा आए मैं वैसी फिल्मों का चयन करना चाहता हूँ.मैं बाहर की फिल्में अनुभव के लिए करता हूँ पैसों के लिए नहीं. आपको शायद ये सुन कर थोडा आश्चर्य हो लेकिन कई बार ये फिल्में करने के लिए मुझे बहुत कम पैसे मिलते हैं. कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि ये फिल्में करने के चक्कर में मुझे पैसों का नुकसान भी उठाना पड़ा है. लेकिन इन फिल्मों ने अभिनेता के तौर पर मुझे बहुत कुछ दिया है. अभिनय में मेरी दिलचस्पी को बरक़रार रखा है.''...अभिनेता इरफ़ान खान

मौलवी अबू क़तादा

मौलवी अबू क़तादा का अब जॉर्डन प्रत्यर्पण नहीं होगा. जॉर्डन में क़तादा के खिलाफ बम विस्फोट की साजिश रचने का आरोप है.क़तादा का असली नाम उमर ओथमैन है. वे इस समय वोरसेस्टरशायर की एक जेल में क़ैद हैं.क़तादा पर 1998 और 1999 में पश्चिमी और इसराइली ठिकानों पर धमाकों की कथित साजिश रचने का आरोप है.

समुद्र मंथन में प्रकट हुए 14 रत्नों में देवी लक्ष्मी का प्राकट्य कार्तिक अमावस को हुआ था..

समुद्र मंथन में प्रकट हुए 14 रत्नों में देवी लक्ष्मी का प्राकट्य कार्तिक अमावस को हुआ था। इसीलिए इसी दिन उनकी पूजा की जाती है। यह त्योहार दीपावली के रूप में मनाया जाता है।महालक्ष्मी का प्राकट्य देवताओं और दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन से हुआ था इसलिए उन्हें सिंधुसुता भी कहा जाता है। प्राकट्य के बाद उन्होंने भगवान विष्णु को अपने पति के रूप में वरण किया।

कार्तिक कृष्ण अमावस्या

कार्तिक कृष्ण अमावस्या (दीपावली) को भगवती श्रीमहालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की नई प्रतिमाओं का प्रतिष्ठापूर्वक विशेष पूजन किया जाता है।

चीन के पुरुष प्रधान समाज में महिला राजनेता होना विलक्षण बात है..

परंपरागत रूप से चीन के पुरुष प्रधान समाज में महिला राजनेता होना विलक्षण बात है.चीन के इतिहास में अब तक जो महिलाएं सबसे ताकतवर रही हैं उनमें एक थीं महारानी डोवाजर सिक्शी और दूसरी थीं माओत्से तुंग की पत्नी जियांग क़िंग. प्रोफेसर गुओ जियाजुआन के मुताबिक राजनीति में चीनी महिलाओं की भागीदारी के मामले में 1975 में चीन का स्थान विश्व में 12वां था जो कि आज खिसककर 64वें स्थान पर पहुंच गया है.

प्रेम विस्तार का नाम है..

प्रेम विस्तार का नाम है, स्वार्थ संकुचन का। जो प्रेम करता है वो जीता है, जो स्वार्थ में जी रहा है, वो मर रहा है...स्वामी विवेकानंद.

राष्‍ट्रकूट

राष्‍ट्रकूट राजवंश ने कर्नाटक पर राज्‍य किया.उन्‍होंने किसी अन्‍य राजवंश की तुलना में एक बड़े हिस्‍से पर राज किया। वे कला और साहित्‍व के महान संरक्षक थे। अनेक राष्‍टकूट राजाओं द्वारा शिक्षा और साहित्‍य को दिया गया प्रोत्‍साहन अनोखा है और उनके द्वारा धार्मिक सहनशीलता का उदाहरण अनुकरणीय है।

दुबई में ताज !!!

दुबई में करीब एक अरब डॉलर की लागत से ताज महल की प्रतिकृति तैयार की जा रही है जो आगरा के ताज महल से करीब चार गुना बड़ा होगा। ताज अरबिया में 10 लाख वर्ग फीट रिटेल स्पेस होगा और 300 कमरों वाला शानदार होटल भी होगा। कंपनी लिंक ग्लोबल के मुताबिक ताज महल की यह प्रतिकृति दुबई में बन रही 36.5 अरब डॉलर लागत वाली फाल्कन सिटी ऑफ वंडर्स में बनाई जाएगी।

हम बेवफा हर्गिज ना थे..

किशोर अपने जीवन में जिस गायक से सबसे ज्यादा प्रभावित थे वह कुंदन लाल सहगल थे। कुंदन लाल सहगल के बारे में यह कहा जाता है कि उन्हें एक योगी ने गाने की कला नाभि से सिखाई थी। किशोर ने शुरूआत में उनकी गायिकी की नकल करने शुरूआत की। लेकिन आरडी और कुछ लोगों ने उन्हें समझाया कि ऐसा करके वह अपनी अलग पहचान नहीं बना पाएंगे।

सचिन देव बर्मन ने लगभग 90 फ़िल्मों के लिये संगीत दिया..

शास्त्रीय संगीत की शिक्षा एस. डी. बर्मन ने अपने पिता व सितार-वादक नबद्वीप चंद्र देव बर्मन से ली.एस. डी. बर्मन ने उस्ताद आफ़्ताबुद्दीन ख़ान के शिष्य बनकर मुरली वादन की शिक्षा ली। एक गायक के रूप में उनकी पहली रिकॉर्डिंग बंगाल के क्रांतिकारी संगीतज्ञ कवि काज़ी नज़रुल इस्लाम की एक रचना थी। सचिन देव बर्मन के गीतों में जहाँ रूमानियत है वहीं विरह, आशावाद और दर्शन की भी झलक मिलती है। सचिन देव बर्मन ने लगभग 90 फ़िल्मों के लिये संगीत दिया.

प्रतिहार राजवंश

प्रतिहार राजवंश के महानतम शासक मि‍हिर भोज थे। लगभग एक शताब्‍दी तक प्रतिहारों की राजधानी बनाया। उन्‍होंने भोजपाल शहर का निर्माण किया। राजा भोज और उनके अन्‍य सहवर्ती गुजर राजाओं को पश्चिम की ओर से अरब जनों के अनेक आक्रमणों का सामना करना पड़ा और पराजित होना पड़ा। वर्ष 915 - 918 ए.डी. के बीच कन्‍नौज पर राष्‍ट्रकूट राजा ने आक्रमण किया। जिसने शहर को विरान बना दिया और प्रतिहार साम्राज्‍य की जड़ें कमजोर दी। वर्ष 1018 में कन्‍नौज ने राज्‍यपाल प्रतिहार का शासन देखा, जिसे गजनी के महमूद ने लूटा।

सेन राजवंश

पाल वंश के पतन के बाद सेन राजवंश ने बंगाल में शासन स्‍थापित किया। इस राजवंश के स्‍थापक सामंत सेन थे। इस राजवंश के महानतम शासक विजय सेन थे। उनके बाद उनके पुत्र बल्‍लाल सेन ने राज किया। उनका शासन शांतिपूर्ण रहा.उन्‍होंने ज्‍योतिष विज्ञान पर एक पुस्‍तक सहित चार पुस्‍तके लिखी। इस राजवंश के अंतिम शासक लक्ष्‍मण सेन थे.

धर्मपाल

पाल राजा धर्मपाल गोपाल के पुत्र थे, में आठवीं शताब्‍दी ए.डी. से नौवी शताब्‍दी ए.डी. के अंत तक शासन किया। धर्मपाल द्वारा नालंदा विश्‍वविद्यालय और विक्रमशिला विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना इसी अवधि में की गई।

मलाला उन बहुत सी बच्चियों के लिए उम्मीद हैं जो स्कूल जाना चाहती हैं..

मलाला के पिता जियाउद्दीन यूसुफजई स्वात में एक खुले विचारों वाले सामाजिक कार्यकर्ता माने जाते हैं. वो ग्लोबल पीस नाम के संगठन के अध्यक्ष और स्वात अमन जिरगे के प्रवक्ता भी रह चुके हैं.ब्रिटेन में इलाज करा रहीं मलाला उन बहुत सी बच्चियों के लिए उम्मीद हैं जो स्कूल जाना चाहती हैं.

2011 में हॉलैंड के एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने मलाला को बच्चों के शांति पुरस्कार के लिए नामजद किया..

मलाला 2009 में उस वक्त सुर्खियों में आईं जब उन्होंने बीबीसी उर्दू के लिए उपनाम ने डायरी लिखनी शुरू की थी.ये ऐसा वक्त था जब स्वात घाटी पर चरमपंथियों का लगभग पूरी तरह कब्जा हो गया था. तालिबान ने लड़कियों के स्कूल जाने पर पाबंदी लगा दी थी.स्वात घाटी के केंद्र मिंगोरा में हालात ऐसे हो गए थे कि रोजाना जब लोग सुबह को उठते तो उन्हें शहर के चौराहों या खंभों से लटकी हुई या गला रेंती हुई लाशें मिलती थीं. 2011 में हॉलैंड के एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने मलाला को बच्चों के शांति पुरस्कार के लिए नामजद किया.

बुद्ध का जन्‍म

भगवान गौतम बुद्ध के जीवनकाल में, ईसा पूर्व 7 वीं और शुरूआती 6 वीं शताब्दि के दौरान सोलह बड़ी शक्तियां (महाजनपद) विद्यमान थे। अति महत्‍वपूर्ण गणराज्‍यों में कपिलवस्‍तु के शाक्‍य और वैशाली के लिच्‍छवी गणराज्‍य थे.बुद्ध का जन्‍म ईसा पूर्व 560 में हुआ और उनका देहान्‍त ईसा पूर्व 480 में 80 वर्ष की आयु में हुआ। उनका जन्‍म स्‍थान नेपाल में हिमालय पर्वत श्रंखला के पलपा गिरि की तलहटी में बसे कपिलवस्‍तु नगर का लुम्बिनी नामक निकुंज था।

वैदिक सभ्‍यता सरस्‍वती नदी के किनारे के क्षेत्र में विकसित हुई..

वैदिक सभ्‍यता सरस्‍वती नदी के किनारे के क्षेत्र जिसमें आधुनिक भारत के पंजाब और हरियाणा राज्‍य आते हैं, में विकसित हुई।आर्यों का एक वर्ग भारतीय उप महाद्वीप की सीमाओं पर ईसा पूर्व 2000 के आसपास पहुंचा और पहले पंजाब में बस गया, और यही ऋगवेद के स्‍त्रोतों की रचना की गई।आर्य जन जनजातियों में रहते थे और संस्‍कृत भाषा का उपयोग करते थे, जो भाषाओं के भारतीय - यूरोपीय समूह के थे। क्रमश: आर्य स्‍थानीय लोगों के साथ मिल जुल गए और आर्य जनजातियों तथा मूल अधिवासियों के बीच एक ऐतिहासिक संश्‍लेषण हुआ.

हड़प्‍पा सभ्‍यता में अनाज, गेहूं और जौ उगाने की कला ज्ञात थी..

हड़प्‍पा सभ्‍यता में अनाज, गेहूं और जौ उगाने की कला ज्ञात थी, जिससे वे अपना मोटा भोजन तैयार करते थे। उन्‍होंने सब्जियों और फल तथा मांस, सुअर और अण्‍डे का सेवन भी किया।ये ऊनी तथा सूती कपड़े पहनते थे। वर्ष 1500 से बी सी तक हड़प्‍पन सभ्‍यता का अंत हो गया.

भारत का इतिहास सिंधु घाटी की सभ्‍यता के जन्‍म के साथ आरंभ हुआ..

भारत का इतिहास सिंधु घाटी की सभ्‍यता के जन्‍म के साथ आरंभ हुआ. यह दक्षिण एशिया के पश्चिमी हिस्‍से में लगभग 2500 बीसी में फली फूली, जिसे आज पाकिस्‍तान और पश्चिमी भारत कहा जाता है. भवनों के टूटे हुए हिस्‍से और अन्‍य वस्‍तुएं जैसे कि घरेलू सामान, युद्ध के हथियार, सोने और चांदी के आभूषण, मुहर, खिलौने, बर्तन आदि दर्शाते हैं कि इस क्षेत्र में लगभग पांच हजार साल पहले एक अत्‍यंत उच्‍च विकसित सभ्‍यता फली फूली।सिंधु घाटी की सभ्‍यता मूलत: एक शहरी सभ्‍यता थी और यहां रहने वाले लोग एक सुयोजनाबद्ध और सुनिर्मित कस्‍बों में रहा करते थे, जो व्‍यापार के केन्‍द्र भी थे।

शुंगलू कमिटी

शुंगलू कमिटी ने कैग के बारे में सुझाव दिया था कि उसे तीन मेंबरों का किया जाए। तीन मेंबरों की वजह से काम में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। एक मेंबर के पास पेशेवर अंकेक्षण योग्यता, चार्टर्ड अकाउंटेंट या इसके बराबर होना चाहिए।

शांति गांधी

महात्मा गांधी के परपोते शांति गांधी ने अमेरिका के कैंसस स्टेट असेंबली चुनाव में जीत दर्ज की है.कैंसस के 52 असेंबली जिलों के लिए छह नवंबर को चुनाव हुए थे। 72 साल के शांति गांधी रिपब्लिकन पार्टी की टिकट पर खड़े हुए थे। उन्होंने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी थियोडोर एंस्ले 'टैड' को नौ प्रतिशत अंकों से हराया। वह पेशे से हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। बॉम्बे यूनिवर्सिटी से चिकित्सा में स्नातक करने के बाद वह 1967 में अमेरिका चले गए थे।

Saturday, November 10, 2012

वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक

विश्व आर्थिक फोरम के वर्ष 2012-13 की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में भारत 59वें स्थान पर रहा. वर्ष 2011-12 में भारत 56वें स्थान पर था. विश्व आर्थिक फोरम के वर्ष 2012-13 में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में भारत की रैंकिंग ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका से 10 स्थान नीचे आ गई है, जबकि वर्ष 2011-12 में भारत इस सूची में इन देशों से आगे रहा था. वर्ष 2012-13 की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में स्विट्जरलैंड लगातार चौथे वर्ष प्रथम स्थान पर रहा. दूसरे स्थान पर सिंगापुर और फिनलैंड तीसरे स्थान पर रहा.

शवासन

शवासन में अपने शरीर को ढीला छोड़कर लेट जाते हैं और साक्षी भाव से शरीर, इंद्रियों, सांस, मन को देखते हैं कि शरीर शव की तरह बेजान पड़ा है. शवासन खुद को इस संसार से अलग करने की क्रिया है, जो हमें सिखाता है कि मेरे बिना भी सब काम हो सकता है।

विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2012-2013 हेतु भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया

विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2012-2013 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया.वर्ल्ड बैंक के अनुसार इस आर्थिक सुस्ती का कारण भारत की बुनियादी समस्याएं हैं. इनमें बिजली की समस्या, बिजली क्षेत्र का वित्तीय संकट, खनन और दूरसंचार क्षेत्र में छाए भ्रष्टाचार प्रमुख कारण हैं.

धनतेरस

दिवाली पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन से ही शुरू हो जाती है. पौराणिक कथाओं के मुताबिक त्रयोदशी के इसी दिन समुद्र मंथन के वक्त आयुर्वेद के जन्मदाता भगवान धन्वंतरि हाथ में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे इसीलिए इसे धनतेरस कहा जाता है। दीया जलाने का आध्यात्मिक अर्थ है, हम अपने भीतर जो आत्मा का प्रकाश है, उसका अनुभव करें।इस दिन नया स्वर्ण व चांदी खरीदना या जो घर में रखा है, उसे बाहर निकालकर उसकी पूजा करना शुभ माना जाता है।

भारत पहली बार विश्व में सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश बना ..

भारत ने वर्ष 2012 में 97.5 लाख टन चावल निर्यात किया. भारत पहली बार विश्व में सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश बना है.यूएसडीए की इस रिपोर्ट में 70 लाख टन चावल का निर्यात कर वियतनाम दूसरे और 65 लाख टन चावल का निर्यात कर थाईलैंड तीसरे स्थान पर रहा. पाकिस्तान 37.5 लाख टन चावल निर्यात के साथ चौथे स्थान पर, अमेरिका 35 लाख टन चावल निर्यात के साथ पांचवे स्थान पर रहा.

डेविड एच पेट्रियस

9/11 के बाद सबसे शक्‍ितशाली अमेरिकी जनरल डेविड एच पेट्रियस को विवाहेत्तर सम्बंधों की वजह से अमेरिका की शीर्ष खुफिया एजेंसी सीआईए के प्रमुख पद से इस्‍तीफा पड़ा है।अफगानिस्तान युद्ध में अपने कार्यो के लिए दोनों राजनीतिक पक्षों से प्रशंसनीय रह चुके पेट्रियस के बारे में एक बार कयास लगाया जा रहा था कि वह राष्ट्रपति बराक ओबामा के सामने रिपब्लिकन उम्मीदवार हो सकते हैं। पेट्रियस की जीवनी लिखने वाली पाउला ब्रॉडवेल के साथ उनके सम्बंध हैं।ब्रॉडवेल ने अपनी पुस्तक के लिए पेट्रियस से बातचीत करने के लिए अफगानिस्तान में उनके साथ एक साल बिताया था। इस पुस्तक का नाम है : ‘आल इन : द एजुकेशन ऑफ जनरल डेविड पेट्रियस।’

‘सिंटेल

सिंटेल आईटी और आउटसोर्सिंग के समाधान में माहिर है, 1997 में शुरू की गई थी। सिंटेल दुनिया भर में 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती है। सिंटेल के दर्जन से अधिक कार्यालय विश्व में फैलें हुए हैं।केन्या में जन्मे भरत देसाई ने अपना अपनी प्रोफेशनल लाइफ ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज’ से शुरू की थी। इसके चार साल बाद ही उन्होंने नौकरी छोड़कर अपनी पत्नी के साथ एक कंपनी ‘सिंटेल’ शुरू की।

‘फोर्ब्स’ की अमीर अमेरिकियों की वार्षिक सूची में भारतीय मूल के पांच अमेरिकी शामिल हुए हैं..

‘फोर्ब्स’ की अमीर अमेरिकियों की वार्षिक सूची में भारतीय मूल के पांच अमेरिकी शामिल हुए हैं। जबकि माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष बिल गेट्स ने 66 अरब डॉलर सम्पत्ति के साथ अपना पहला स्थान कायम रखा है।फोर्ब्स की अमीर भारतीय अमेरिकी की सूची में सबसे पहले नाम आता है भरत देसाई का। भरत देसाई 2 अरब डॉलर के साथ 239वें स्थान पर हैं।

डेटाविंड

डेटाविंड वह कंपनी है, जिसने भारत में सबसे कम कीमत वाले आकाश टैबलेट का निर्माण किया है.44 वर्षीय सुनीत विश्व के सबसे सस्ते टैबलेट कंप्यूटर आकाश के मुख्य योजनाकार हैं, जिसमें विकासशील देशों में शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है।

फोर्ब्स मैगजीन ने एजुकेशन के क्षेत्र में अहम बदलाव लाने वाले लोगों की लिस्ट में दो भारतीयों को शामिल किया है..

फोर्ब्स मैगजीन ने एजुकेशन के क्षेत्र में अहम बदलाव लाने वाले लोगों की लिस्ट में दो भारतीयों को शामिल किया है। डेटाविंड कंपनी के भारतीय मूल के सीईओ सुनीत सिंह टुली और मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एमआईटी) के प्रफेसर अनंत अग्रवाल। 44 साल के सुनीत दुनिया के सबसे सस्ते टैबलेट कंप्यूटर आकाश के मुख्य योजनाकार हैं और इस टैबलेट में विकासशील देशों के एजुकेशन में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है। अनंत अग्रवाल 'एडएक्स' के प्रमुख हैं। एडएक्स हॉर्वर्ड, एमआईटी, कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी और टेक्सास यूनिवसिर्टी की ओर से इंटरनेट के जरिए पढ़ाने का नया संयुक्त प्रयास है।

जंतर मंतर

यह जयपुर के सवाई जयसिंह द्वितीय (1699 - 1743) द्वारा बनाई गई वेध शाला है। उन्‍होंने उस समय मौजूद खगोल विज्ञान की तालिकाओं में सुधार किया और अधिक विश्‍वसनीय उपकरणों की सहायता से एक ज्‍योतिष कैलेण्‍डर को अद्यतन किया.इस वेधशाला में सम्राट यंत्र है, जो समान घंटों में सूर्य की घड़ी है।

जामा मस्जिद

जामा मस्जिद, दिल्‍ली दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद है। पुरानी दिल्‍ली की यह विशाल मस्जिद मुगल शासक शाहजहां के उत्‍कृष्‍ट वास्‍तुकलात्‍मक सौंदर्य बोध का नमूना है, जिसमें एक साथ 25,000 लोग बैठ कर प्रार्थना कर सकते हैं।इस मस्जिद का माप 65 मीटर लम्‍बा और 35 मीटर चौड़ा है.इसे मस्जिद - ए - जहानुमा भी कहते हैं, जिसका अर्थ है विश्‍व पर विजय दृष्टिकोण वाली मस्जिद। प्राचीन कस्‍बे में स्थित यह स्‍मारक 5000 शिल्‍पकारों द्वारा बनाया गया था।

जैसलमेर का किला

जैसलमेर के किले का निर्माण 1156 में किया गया था. रावल जैसल द्वारा निर्मित यह किला 80 मीटर ऊंची त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है, इसमें महलों की बाहरी दीवारें, घर और मंदिर कोमल पीले सेंट स्‍टोन से बने हैं।

हवा महल

जयपुर की पहचान माना जाने वाला हवा महल का निर्माण सवाई प्रताप सिंह ने 1799 ए. डी. में कराया था और श्री लाल चंद उस्‍ता इसके वास्‍तुकार थे। यह भवन पांच मंजिला है.

आदिग्रंथ

गुरु ग्रंथ साहिब सिक्ख धर्म का एक प्रमुख पवित्र ग्रंथ है। इस ग्रंथ को 'आदिग्रंथ' के नाम से भी जाना जाता है। गुरु ग्रंथ साहिब के प्रथम संग्रहकर्ता पाँचवें गुरु अर्जुन देव जी हुए थे.इस ग्रंथ मे कुल 1430 पृष्ठ हैं। सिक्ख गुरुओं के ही नहीं, अपितु 30 अन्य हिन्दू और मुस्लिम भक्तों की वाणियाँ भी इस ग्रंथ में है.

.स्वर्ण मंदिर का निर्माण कार्य सितंबर 1604 में पूरा हुआ..

सन 1589, गुरु अर्जुन देव के एक शिष्य शेखमियां मीर ने सरोवर के बीच में स्थित स्वर्ण-मन्दिर की नींव डाली। 1757 ई. में वीर सरदार बाबा दीपसिंह जी ने मुसलमानों के अधिकार से इस मन्दिर को छुड़ाया.स्वर्ण मंदिर का निर्माण कार्य सितंबर 1604 में पूरा हुआ. गुरु अर्जन साहिब ने गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना श्री हरमंदिर साहिब में की.

Friday, November 9, 2012

सुप्रीम कोर्ट साइलेंस जोन में लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल प्रतिबंधित कर चुका है..

11 अक्टूबर 2005 के अपने एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट साइलेंस जोन में लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल प्रतिबंधित कर चुका है।

संवैधानिक दर्जा देने की मांग

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) विनोद राय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को संवैधानिक दर्जा देने की मांग की है.

मुद्रास्फीति और वित्तीय घाटा बढ़ा हुआ है..

मुद्रास्फीति और वित्तीय घाटा बढ़ा हुआ है। पिछले साल की तरह इस साल भी विकास दर पिछले 7 सालों की औसत विकास दर से नीचे है। अगर किसी देश की विकास दर कमजोर होती है तो इसका असर सबसे पहले सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर पड़ता है।वित्तीय सुधारों से निवेश के लिए माहौल तैयार होगा। अगर टैक्स सिस्टम संतुलित और स्थिर होगा तो कारोबारी भारत में बड़ा निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

आर्थिक उपायों का मकसद

1991 के बाद शुरू किए गए आर्थिक उपायों का मकसद सिर्फ एक था- भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाकर देश के सिस्टम को ज्यादा उत्पादक बनाना। इस मकसद को हासिल करने के लिए यह जरूरी समझा गया कि विदेशी कारोबारियों को भारतीय बाजार में दाखिल होने का मौका दिया जाए और इसके लिए कारोबार से जुड़ी अड़चनों को खत्म किया जाए।

विंडोज- 8

विंडोज 8 लॉन्च हो चुका है, जो विंडोज 7 और एक्सपी से काफी अलग है। विडोज 8 यूज करने में पहले से ज्यादा आसान है.विंडोज 7 के मुकाबले ज्यादा तेज है।कई ऑप्शन को अंदर कर दिया गया है। स्क्रीन से स्टार्ट ऑप्शन भी हटा दिया गया है।

टैबलेट नेक्सस

गूगल ने अपना सात इंच स्क्रीन साइज वाला टैबलेट नेक्सस 7 भारतीय बाजार में उतार दिया. भारत में इसकी कीमत 19,999 रुपये रखी गयी है जबकि अमेरिका में यह 199.99 डॉलर में मिल रहा है। गूगल और ऐसुस की तरफ से जॉइंट तौर पर उतारे गये नेक्सस टैबलेट में सात इंच की 1280 गुणा 800 पिक्सल की चमकदार स्क्रीन है.

Saturday, November 3, 2012

फोडोंग मठ

फोडोंग मठ सिक्किम के छ: प्रमुख मठों में से एक बौद्ध मठ है।सिक्किम के 9वें राजा करमापा लामा द्वारा इस मठ की स्थापना 18 वीं सदी में की गयी थी।

श्री हरमंदिर साहिब

श्री हरमंदिर साहिब को स्‍वर्ण मंदिर भी कहा जाता है. यह अमृतसर में स्थित सिक्‍खों का सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है।श्री हरमंदिर साहिब का निर्माण सरोवर के मध्‍य में 67 वर्ग फीट के मंच पर किया गया है। यह मंदिर अपने आप में 40.5 वर्ग फीट है। उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम चारों दिशाओं में इसके दरवाज़े हैं।

गोलकोंडा किला तेरहवीं शताब्‍दी में काकतिया राजवंश द्वारा निर्मित किया गया था..

गोलकोंडा किला तेरहवीं शताब्‍दी में काकतिया राजवंश द्वारा निर्मित किया गया था। गोलकोंडा किला अपने समय की ''नवाबी'' संस्‍कृति का अद्भुत चित्रण करता है। ''चरवाहे की पहाड़ी'' या ''गोला कोंडा'', जिसे तेलुगु में लोकप्रिय रूप से यह नाम दिया गया है. गोलकोंडा किले को 17वीं शताब्‍दी तक हीरे का एक प्रसिद्ध बाजार माना जाने लगा। इससे दुनिया को कुछ सर्वोत्तम ज्ञात हीरे मिले, जिसमें ''कोहिनूर'' शामिल है।

जिंजी किला

जिंजी पुडुचेरी में स्थित है जो दक्षिण भारत के उत्‍कृष्‍टतम किलों में से एक है। इसका निर्माण नौंवी शताब्‍दी में कराया गया था, जब यह चोल राजवंश के कब्‍जे में था.यह तीन स्‍तरों वाले मजबूत प्रवेश से सुरक्षित है, जो अंदर के दरबार को भी उतनी ही सुरक्षा प्रदान करता है।

ताशीदिंग मठ

ताशीदिंग मठ सिक्किम में है।18वीं शताब्दी में गदक सेंपा चेंपो ने ताशीदिंग मठ को बनवाया था।

तवांग मठ

तवांग मठ का निर्माण मेराक लामा लोड्रे ग्यात्सो ने 1680-81 ई. में कराया था। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 10,000 फीट है।तवांग मठ एशिया का सबसे बडा बौद्ध मठ है.तवांग मठ का प्रवेश द्वार दक्षिण में है। प्रवेश द्वार का नाम काकालिंग है।

रत्‍नाघारा

महाबोधि मंदिर के उत्तर पश्चिम भाग में एक छतविहीन भग्‍नावशेष है जो रत्‍नाघारा के नाम से जाना जाता है.

Wednesday, October 31, 2012

सैंडी

2005 में आए कैटरीना चक्रवात ने न्यू ऑर्लियंस शहर को तहस-नहस कर दिया था और पूरे 100 अरब डॉलर की चपत अमेरिका को लगाई थी। सैंडी को फ्रीक स्टॉर्म और फ्रैंकेंस्टॉर्म भी पुकारा जा रहा है. पिछले साल जुलाई में आइरीन के बाद लगातार दूसरे साल एक हरिकेन ने अमेरिका के उत्तरी इलाकों में प्राकृतिक आपदा की स्थिति पैदा की है।दक्षिण के गर्म कैरिबियाई क्षेत्र से उठे इस तूफान को उत्तर में ध्रुवीय क्षेत्र से आ रहे एक ठंडे तूफान का साथ मिल गया और दोनों सिस्टमों ने एक-दूसरे को कमजोर बनाने के बजाय एक-दूसरे को ताकतवर बनाया।

महाबोधि मंदिर

महाबोधि मंदिर बुद्ध भुगवान की ज्ञान प्राप्ति के स्‍थान पर स्थित है.प्रथम मंदिर तीसरी शताब्‍दी बी. सी. में सम्राट अशोक द्वारा निर्मित कराया गया था और वर्तमान मंदिर पांचवीं या छठवीं शताब्‍दी में बनाए गए। यह ईंटों से पूरी तरह निर्मित सबसे प्रारंभिक बौद्ध मंदिरों में से एक है जो भारत में गुप्‍त अवधि से अब तक खड़े हुए हैं।

नीलम

दक्षिणी भारत के पूर्वी तट पर चक्रवाती तूफान 'नीलम' ने दस्तक दे दी. महाबलिपुरम के तट के करीब रहने वाले लगभग चार हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया.तूफान को देखते हुए कलपक्कम परमाणु प्लांट में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्लांट के दोनों रिऐक्टर फिलहाल सुरक्षित हैं.

Tuesday, October 30, 2012

फतेहपुर सीकरी का निर्माण मुगल शासक अकबर द्वारा कराया गया था...

फतेहपुर सीकरी का निर्माण मुगल शासक अकबर द्वारा कराया गया था। संत शेख सलीम चिश्‍ती के सम्‍मान में सम्राट अकबर ने सीकरी ब्रिज पर इस विशाल शहर की नींव रखी थी। वर्ष 1571 में उन्‍होंने स्‍वयं अपने उपयोग के लिए भवन निर्माण का आदेश दिया. जामा मस्जिद संभवतया पहला भवन था, जो निर्मित किया गया. अन्‍य महत्‍वपूर्ण भवनों में शेख सलीम चिश्‍ती की दरगाह, नौबत-उर-नक्‍कारखाना, टकसाल, कारखाना, हकीम का घर, दीवान-ए-आम (जनता के लोगों के लिए बनाया गया कक्ष), मरियम का निवास, जिसे सुनहरा मकान (गोल्‍डन हाउस) भी कहते हैं, जोधा बाई का महल, बीरबल का निवास आदि शामिल हैं।

एलिफेंटा की गुफाएं

एलिफेंटा कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी. यह तीन शीर्ष वाली महेश मूर्ति की भव्‍य छवि के लिए जाना जाता है.गुफा में बना यह मंदिर भगवान शिव का समर्पित है, जिसे राष्‍ट्र कूट राजाओं द्वारा लगभग 8वीं शताब्‍दी के आस पास खोज कर निकाला गया था.एलिफेंटा की गुफाएं 7 गुफाओं का सम्मिश्रण हैं, जिनमें से सबसे महत्‍वपूर्ण है महेश मूर्ति गुफा।इस गुफा में शिल्‍प कला के कक्षो में अर्धनारीश्‍वर, कल्‍याण सुंदर शिव, रावण द्वारा कैलाश पर्वत को ले जाने, अंधकारी मूर्ति और नटराज शिव की उल्‍लेखनीय छवियां दिखाई गई हैं।इस गुफा को यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व विरासत का दर्जा दिया गया है।

Monday, October 29, 2012

महाराजा राजा राज चोल ने दसवीं शताब्‍दी में बृहदेश्‍वर मंदिर का निर्माण कराया था..

महाराजा राजा राज चोल ने दसवीं शताब्‍दी में बृहदेश्‍वर मंदिर का निर्माण कराया था और इसकी संकल्‍पना प्रसिद्ध वास्‍तुकार सामवर्मा ने की थी। बृहदेश्‍वर मंदिर तंजौर में स्थित हैं.बृहदेश्‍वर मंदिर के शिखर पर 65 मीटर विमान पिरामिड के आकार में बनाया गया है, यह एक गर्भ गृह स्‍तंभ है।द्वितीय बृहदेश्‍वर मंदिर संकुल का निर्माण राजेन्‍द्र - 1 द्वारा 1035 में पूरा किया गया था।

सांची बौद्ध स्‍तूप

सांची, काकानाया, काकानावा, काकानाडाबोटा तथा बोटा श्री पर्वत के नाम से प्राचीन समय में जाना जाता था.सांची के स्‍तूप अपने प्रवेश द्वार के लिए उल्‍लेखनीय है, इनमें बुद्ध के जीवन से ली गई घटनाओं और उनके पिछले जन्‍म की बातों का सजावटी चित्रण है।सांची को जनरल टेलर, एक ब्रिटिश अधिकारी ने दोबारा खोजा, जो आधी दबी हुई और अच्‍छी तरह संरक्षित अवस्‍था में था। 1912 में सर जॉन मार्शल, पुरातत्‍व विभाग के महानिदेशक इस स्‍थल पर खुदाई के कार्य का आदेश दिया.शूंग के समय में सांची में और इसकी पहाडियों के आस पास अनेक मुख द्वार तैयार किए गए थे।

दिलवाड़ा जैन मंदिर

माउंटआबू के दिलवाड़ा जैन मंदिर विभिन्‍न जैन तीर्थंकरों के मठ हैं। इस समूह के 5 मठों में से 4 का वास्‍तुकलात्‍मक महत्‍व है। इन्‍हें सफेद संगमरमर के पत्‍थर से बनाया गया है. गुजरात के सोलंकी शासकों के मंत्रियों ने 11वीं से 13वीं शताब्‍दी तक इन मंदिरों का निर्माण कराया.विमल साही यहां का सबसे पुराना मंदिर है, जिसे प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथ को समर्पित किया गया है। विमल शाह, गुजरात के सोलंकी शासकों के मंत्री थे, जिन्‍होंने वर्ष 1031 ए. डी. में इसका निर्माण कराया था। मंदिर की केन्‍द्रीय छत में भव्‍य पच्‍चीकारी की गई है. एक अन्‍य दिलवाड़ा मंदिर लूना वासाही, वास्‍तुपाला और तेजपाला हैं, जिन्‍हें गुजरात के वाघेला तत्‍कालीन शासकों के मंत्रियों के नाम पर नाम दिया गया है.

सिटी पैलेस

सिटी पैलेस पिछोला झील पर स्थित है। महाराणा उदय सिंह ने इस महल का निर्माण आरंभ किया किन्‍तु आगे आने वाले महाराणाओं ने इस संकुल में कई महल और संरचनाएं जोड़े.महल का प्रवेश हाथी पोल की ओर से है। बड़ी पोल या बड़ा गेट त्रिपोलिया अर्थात तीन प्रवेश द्वारों में से एक है।सूरज गोखड़ा एक ऐसा स्‍थान है जहां से महाराणा जनता की बातें सुनते थे.

उदयपुर को पूर्व का वेनिस कहा जाता है..

उदयपुर को पूर्व का वेनिस कहा जाता है। महाराणा उदय सिंह - II ने 1568 में मुगल बादशाह अकबर द्वारा उनके चित्तौड़गढ़ पर कब्‍ज़ा कर लेने के बाद उदयपुर की नींव रखी। उदय सिंह को एक पवित्र पुरुष ने पिछोला झील के पास पहाड़ी पर ध्‍यान करते हुए अपनी राजधानी इसी स्‍थान पर स्‍थापित करने का मार्गदर्शन दिया.

चार मीनार

चार मीनार 1591 में मोहम्‍मद कुली कुतुब शाह द्वारा बनवाई गई बृहत वास्‍तुकला का एक नमूना है। हैदराबाद शहर की पहचान मानी जाने वाली चार मीनार चार मीनारों से मिलकर बनी एक चौकोर प्रभावशाली इमारत है।यह स्‍मारक ग्रेनाइट के मनमोहक चौकोर खम्‍भों से बना है, जो उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम दिशाओं में स्थित चार विशाल आर्च पर निर्मित किया गया है। चौकोर संरचना के प्रत्‍येक कोने पर एक छोटी मीनार है जो 24 मी. ऊंचाई की है, इस प्रकार यह भवन लगभग 54 मीटर ऊंचा बन जाता है।

Sunday, October 28, 2012

बाड़ा इमामबाड़ा

इमामबाड़े का निर्माण नवाब आसफ - उद - दौला ने 1784 में कराया था और इसके संकल्‍पना कार थे किफायत - उल्‍ला, जो ताजमहल के वास्‍तुकार के संबंधी कह जाते हैं। बाड़ा इमामबाड़ा एक रोचक भवन है। यह न तो मस्जिद है और न ही मकबरा, किन्‍तु इस विशाल भवन में कई मनोरंजक तत्‍व अंदर निर्मित हैं. लखनऊ बाड़ा इमामबाड़ा नामक एक ऐतिहासिक द्वार का घर है. इमामबाड़े का केन्‍द्रीय कक्ष लगभग 50 मीटर लंबा और 16 मीटर चौड़ा है।

लोटस टेम्‍पल

लोटस टेम्‍पल प्राचीन संकल्‍पना, आधुनिक अभियांत्रिकी कौशल तथा वास्‍तुकलात्‍मक प्रेरणा का एक अनोखा मिश्रण है। बहाई समुदाय ने अपने पूजा स्‍थलों को जितना अधिक संभव हो सुंदर और विशिष्‍ट बनाने का प्रयास किया है। वे बहाउल्‍ला और उनके बेटे अब्‍दुल बहा की लेखनी से प्रेरित हुए हैं। वर्ष 2000 में इस मंदिर को 'ग्‍लोब आर्ट अकादमी 2000' का पुरस्‍कार दिया गया है.

आमेर का किला

यह कच्‍छवाह शासकों की पुरानी राजधानी था। मूल रूप से यह महल राजा मानसिंह ने बनावाया था और आगे चलकर सवाई जयसिंह ने इस पर कुछ और चीज़ें जोड़ी।रानियों के निजी कक्षों में जालीदार परदों के साथ खिड़कियां हैं ताकि राज परिवार की महिलाएं शाही दरबार में होने वाली कार्रवाइयों को गोपनीयता पूर्वक देख सकें।

अजंता के अंदर जो मानव और जंतु रूप चित्रित किए गए हैं, उन्‍हें कलात्‍मक रचनात्‍मकता का एक उच्‍च स्‍तर माना जा सकता है..

यूनेस्‍को द्वारा 1983 से विश्‍व विरासत स्‍थल घोषित किए जाने के बाद अजंता और एलोरा की तस्‍वीरें और शिल्‍पकला बौद्ध धार्मिक कला के उत्‍कृष्‍ट नमूने माने गए हैं. अजंता के अंदर जो मानव और जंतु रूप चित्रित किए गए हैं, उन्‍हें कलात्‍मक रचनात्‍मकता का एक उच्‍च स्‍तर माना जा सकता है। एलोरा में एक कलात्‍मक परम्‍परा संरक्षित की गई है जो आने वाली पीढियों के जीवन को प्रेरित और समृ‍द्ध करना जारी रखेंगी।

अजंता और ऐल्‍लोरा

अजंता तथा एलोरा की गुफाओं में बौद्ध धर्म द्वारा प्रेरित और उनकी करुणामय भावनाओं से भरी हुई शिल्‍पकला और चित्रकला पाई जाती है.अजंता में 29 गुफालाओं का एक सेट बौद्ध वास्‍तुकला, गुफा चित्रकला और शिल्‍प चित्रकला के उत्‍कृष्‍तम उदाहरणों में से एक है। इन गुफाओं में चैत्‍य कक्ष या मठ है, जो भगवान बुद्ध और विहार को समर्पित हैं, जिनका उपयोग बौद्ध भिक्षुओं द्वारा ध्‍यान लगाने और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का अध्‍ययन करने के लिए किया जाता था।

एलोरा

एलोरा में गुफाओं के मंदिर और मठ पहाड़ के ऊर्ध्‍वाधर भाग को काट कर बनाई गई है, जो औरंगाबाद के उत्तर में 26 किलो मीटर की दूरी पर है। बौद्ध धर्म, जैन धर्म और हिन्‍दुत्‍व से प्रभावित ये शिल्‍प कलाएं पहाड़ में विस्‍त़त पच्‍चीकारी दर्शाती हैं।34 गुफाओं में बौद्ध चैत्‍य या पूजा के कक्ष, विहार या मठ और हिन्‍दु तथा जैन मंदिर हैं। सबसे अधिक प्रभावशाली पच्‍चीकारी अद्भुत कैलाश मंदिर की है.

शीश महल

शीश महल या कांच का बना हुआ महल हमाम के अंदर सजावटी पानी की अभियांत्रिकी का उत्‍कृ‍ष्‍टतम उदाहरण है। ऐसा माना जाता है कि हरेम या कपड़े पहनने का कक्ष और इसकी दीवारों में छोटे छोटे शीशे लगाए गए थे जो भारत में कांच मोजेक की सजावट का सबसे अच्‍छा नमूना है। शाह महल के दांईं ओर दीवान ए खास है, जो निजी श्रोताओं के लिए है। यहां बने संगमरमर के खम्‍भों में सजावटी फूलों के पैटर्न पर अर्ध कीमती पत्‍थर लगाए गए हैं। इसके पास मम्‍मम ए शाही या शाह बुर्ज को गरमी के मौसम में उपयोग किया जाता था।

आगरे के किले में मूलत: चार प्रवेश द्वार थे..

आगरे के किले में मूलत: चार प्रवेश द्वार थे, जिनमें से दो को आगे चलकर बंद कर दिया गया। आज दर्शकों को अमर सिंह गेट से प्रवेश करने की अनुमति है। शाहजहां द्वार निर्मित पूरी तरह से संगमरमर का बना हुआ खास महल विशिष्‍ट इस्‍लामिक - पर्शियन विशेषताओं का प्रदर्शन करता है। इनके साथ हिन्‍दु विशेषताओं की एक अद्भुत श्रृंखला भी मिश्रित की गई है जैसे कि छतरियां। इसे बादशाह का सोने का कमरा या आरामगाह माना जाता है। खास महल में सफेद संगमरमर की सतह पर चित्र कला का सबसे सफल उदाहरण दिया गया है। खास महल की बांईं ओर मुसम्‍मन बुर्ज है जिसका निर्माण शाहजहां ने कराया था। यह सुंदर अष्‍टभुजी स्‍तंभ एक खुले मंडप के साथ है। इसका खुलापन, ऊंचाइयां और शाम की ठण्‍डी हवाएं इसकी कहानी कहती है। यही वह स्‍थान है जहां शाहजहां ने ताज को निहारते हुए अंतिम सांसें ली थी।

आगरे का लाल किला

यह किला लाल सैंड स्‍टोन से बना है और 2.5 किलोमीटर लम्‍बी दीवार से घिरा हुआ है. इसमें अनेक विशिष्‍ट भवन हैं जैसे मोती मस्जिद, दीवान ए आम, दीवान ए खास, मुसम्‍मन बुर्ज - जहां मुगल शासक शाह जहां की मौत 1666 ए. डी. में हुई, जहांगीर का महल और खास महल तथा शीश महल। आगरे के किले का निर्माण 1656 के आस पास शुरु हुआ, जब आरंभिक संरचना मुगल बादशाह अकबर ने निर्मित कराई, इसके बाद का कार्य उनके पोते शाह जहां ने कराया, जिन्‍होंने किले में सबसे अधिक संगमरमर लगवाया।

बृहदेश्‍वर मंदिर - तंजौर

ब़ृहदेश्‍वर मंदिर चोल वास्‍तुकला का शानदार उदाहरण है, जिनका निर्माण महाराजा राजा राज-1 द्वारा कराया गया था.बृहदेश्‍वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक भवन है.एक विशाल गुम्‍बद के आकार का शिखर अष्‍टभुजा वाला है और यह ग्रेनाइट के एक शिला खण्‍ड पर रखा हुआ है.

साहित्य अकादेमी पुरस्कार

सन् 1954 में अपनी स्थापना के समय से ही साहित्य अकादेमी प्रतिवर्ष अपने द्वारा मान्यता प्रदत्त भारत की प्रमुख भाषाओं में से प्रत्येक में प्रकाशित सर्वोत्कृष्ट साहित्यिक कृति को पुरस्कार प्रदान करती है। पहली बार ये पुरस्कार सन् 1955 में दिए गए।

डॉ. चंद्रशेखर वेंकटरमन

भौतिक शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय डॉ. चंद्रशेखर वेंकटरमन थे। उन्हें 1930 में यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। रमन का जन्म तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली के पास तिरुवाइक्कावल में हुआ था।उन्हें ‘सर’ की उपाधि से भी सम्मानित किया गया. उन्होंने अपने अनुसंधान में इस बात का पता लगाया कि किस तरह अपसरित प्रकाश में अन्य तरंग, लंबाई की किरणें भी मौजूद रहती हैं। उनकी खोज को रमन प्रभाव के नाम से भी जाना जाता है.

हरगोबिंद खुराना

हरगोबिंद खुराना को चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया। भारतीय मूल के डॉ. खुराना का जन्म पंजाब में रायपुर (अब पाकिस्तान में) में हुआ था।उन्होंने अपनी खोज से आनुवांशिक कोड की व्याख्या की और प्रोटीन संश्लेषण में इसकी भूमिका का पता लगाया।

मदर टेरेसा को 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला..

मदर टेरेसा को 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला। मदर का जन्म अल्बानिया में स्कोपजे नामक स्थान पर हुआ था, जो अब यूगोस्लाविया में है। उनका बचपन का नाम एग्नस गोंक्सहा बोजाक्सिऊ था। सन 1928 में वह आयरलैंड की संस्था सिस्टर्स आफ लोरेटो में शामिल हुईं और मिशनरी बनकर 1929 में कोलकाता आ गईं। उन्होंने बेसहारा और बेघरबार लोगों के दुख दूर करने का महान व्रत लिया। निर्धनों और बीमार लोगों की सेवा के लिए उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी नाम की संस्था बनाई और कुष्ठ रोगियों, नशीले पदार्थों की लत के शिकार बने लोगों तथा दीन-दुखियों के लिए निर्मल हृदय नाम की संस्था बनाई।

सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर

सन 1983 में भौतिक शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर खगोल भौतिक शास्त्री थे। उनकी शिक्षा चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज में हुई। वह नोबेल पुरस्कार विजेतर सर सी.वी. रमन के भतीजे थे। बाद में चंद्रशेखर अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने खगोल भौतिक शास्त्र तथा सौरमंडल से संबंधित विषयों पर अनेक पुस्तकें लिखीं। उन्होंने ‘व्हाइट ड्वार्फ’ यानी श्वेत बौने नाम के नक्षत्रों के बारे में सिद्धांत का प्रतिपादन किया। इन नक्षत्रों के लिए उन्होंने जो सीमा निर्धारित की है, उसे चंद्रशेखर सीमा कहा जाता है।

डॉ धर्मवीर भारती

डॉ धर्मवीर भारती को 1972 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया. उनका उपन्यास गुनाहों का देवता सदाबहार रचना मानी जाती है. सूरज का सातवां घोड़ा को कहानी कहने का अनुपम प्रयोग माना जाता है. श्याम बेनेगल ने इसी नाम की फिल्म बनायी, अंधा युग उनका प्रसिद्ध नाटक है। । वे प्रख्यात साप्ताहिक पत्रिका धर्मयुग के प्रधान संपादक भी थे।

प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में मलयालम लेखक जी शंकर कुरुप को प्रदान किया गया था..

भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं अनुसूची में बताई गई २२ भाषाओं में से किसी भाषा में लिखता हो ज्ञानपीठ पुरस्कार के योग्य है। पुरस्कार में 7 लाख रुपये की धनराशि, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा दी जाती है। प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में मलयालम लेखक जी शंकर कुरुप को प्रदान किया गया था। उस समय पुरस्कार की धनराशि १ लाख रुपए थी।

पहला नोबेल शांति पुरस्कार

पहला नोबेल शांति पुरस्कार 1901 में रेड क्रॉस के संस्थापक ज्यां हैरी दुनांत और फ़्रेंच पीस सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष फ्रेडरिक पैसी को संयुक्त रूप से दिया गया।

नोबेल पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति-पत्र के साथ 14 लाख डालर की राशी प्रदान की जाती है..

नोबेल पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति-पत्र के साथ 14 लाख डालर की राशी प्रदान की जाती है। अल्फ्रेड नोबेल ने कुल 355 आविष्कार किए जिनमें डायनामाइट का आविष्कार भी था। स्वीडिश बैंक में जमा राशी के ब्याज से नोबेल फाउँडेशन द्वारा हर वर्ष शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र में सर्वोत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

आरा

आरा एक प्राचीन शहर है। पहले यहां मोरध्वज नामक राजा का शासन था। महाभारतकालीन अवशेष यहां के बिखरे पड़े हैं। ये 'आरण्य क्षेत्र' के नाम से भी जाना जाता था। आड या अरार में होने के कारण, इसका नाम 'आरा' पड़ा।

वसई का किला

वसई के किले का ऐतिहासिक महत्व है. इस किले पर पहले गुजरात के सुल्तान का राज था. बाद में पुर्तगालियों, मराठाओं और अंग्रेजों ने इस किले से अपनी हुकूमत चलाई.इसका उपयोग बंदरगाह के रूप में भी होता था.1534 ईस्वी में पुर्तगालियों ने बहादुर शाह को वसई छोड़ने को मजबूर कर दिया. और किले पर पुर्तगालियों ने कब्जा जमा लिया.

Friday, October 26, 2012

'वाल्‍मीकि सम्‍मान

अपने शो 'सत्यमेव जयते' के माध्यम से सामाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए आमिर खान को सम्मानित किया गया है। अपने इस शो के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा और अंतरजातीय विवाह जैसे कई सामाजिक मुद्दों को लोगों के सामने रखा। आमिर ने देश में हाथ से मैला उठाने वाले 3 लाख लोगों की समस्याओं को भी बेहद संजीदगी से उठाया था.अनुसूचित जाति के लिए इस खास पहल के कारण उन्हें 'वाल्‍मीकि सम्‍मान' से नवाजा गया है।

' लव' ने कान फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता..

एक बुजुर्ग शख्स के दम तोड़ रही पत्नी का ख्याल रखने की कहानी ' लव' ने कान फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता। इतालवी डायरेक्टर नैनी मोरती की अध्यक्षता में जूरी ने बेस्ट फिल्म की दौड़ में शामिल 22 फिल्मों में से विजेता की घोषणा की।

'मिस लवली

डायरेक्टर असीम अहलूवालिया की फिल्म 'मिस लवली' ने 14 वें मुंबई फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार हासिल किया, जबकि हंसल मेहता की 'शहीद' उपविजेता रही।

Thursday, October 25, 2012

महिला समाख्या स्कीम महिला संघों के माध्यम से बुनियादी स्तर पर महिलाओं की अधिकारिता की नींव रखने में सफल हुई हैं..

वर्तमान में महिला समाख्या योजना को 10 राज्यों नामतः, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ, झारखंड, कर्नाटक, केरल, गुजरात, उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल के 104 जिलों और लगभग 32574 से भी अधिक गांवों में कार्यान्वित किया जा रहा है। महिला समाख्या योजना के प्रभावीपन ने महिलाओं को शिक्षा हेतु गतिशील करके सर्व शिक्षा अभियान(एस.एस.ए.) के साथ भी निकट अन्तरण करने में परिणत हुई है.महिला समाख्या स्कीम महिला संघों के माध्यम से बुनियादी स्तर पर महिलाओं की अधिकारिता की नींव रखने में सफल हुई हैं।

महिला समाख्या कार्यक्रम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक निश्चित कार्यक्रम के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के लक्ष्यों के अनुसार वर्ष 1989 में महिला समाख्या कार्यक्रम शुरू किया गया। महिला समाख्या के तहत एक नवाचारी दृष्टिकोण अपनाया गया है जिसमें मात्र लक्ष्यों को प्राप्त करने के बजाय प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत महिलाओं के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाता है जिसमें महिलाएं स्वयं अपनी ओर से अध्ययन कर सकें, अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित कर सके और अपनी पसंद के अनुसार ज्ञान तथा सूचना प्राप्त कर सके।

कस्तूरबा गांधी बालिका विधालय स्कीम

कस्तूरबा गांधी बालिका विधालय स्कीम मुख्य रूप से अ.जा., अ.ज.जा. अन्य पिछङे वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों की बालिकाओं हेतु उच्च प्राथमिक स्तर पर आवासीय विधालय उपलब्‍ध कराती है। इस स्कीम में अ.जा., अ.ज.जा., अन्य पिछडे वर्गों अथवा अल्पसंख्यक समुदायों की बालिकाओं हेतु न्यूनतम 75% आरक्षण की व्यवस्था है और शेष 25% सीटें गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की बालिकाओं को प्रदान की जाती है। ये स्‍कूल शैक्षिक रूप से पिछड़े उन ब्‍लॉकों में जहां ग्रामीण महिला साक्षरता दर 30% से कम है और उन शहरी क्षेत्रों में जहां महिला साक्षरता राष्‍ट्रीय औसत से कम है, स्‍थापित किए जाते हैं। 27 राज्यों में ये आवासीय स्‍कूल स्‍थापित किए गए हैं. 30 सितम्‍बर, 2010 तक राज्यों में 2567 कस्तूरबा गांधी बालिका विधालयों के प्रचालित होने की सूचना प्राप्त हुई.

सर्व शिक्षा अभियान में डिजीटल अंतराल को पाटने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में भी कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था है..

सर्व शिक्षा अभियान कार्यक्रम के तहत समूचा देश शामिल है.यह 12.3 लाख बस्तियों के 19.4 करोङ बच्चों की आवश्यकताओं पर ध्यान देता है। इस कार्यक्रम के तहत ऐसी बस्तियों में नए स्कूल खोलने का प्रावधान है जहां स्कूली सुविधाएं नहीं हैं तथा अतिरिक्त शिक्षण कक्षा, शौचालय, पेयजल, अनुरक्षण अनुदान और स्कूल सुधार अनुदान के माध्यम से मौजूदा स्कूली अवसंरचना को सुदृढ करने का भी प्रावधान है।

सर्व शिक्षा अभियान कार्यक्रम

नौंवी योजना के दौरान सर्व शिक्षा अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत सहायता 85:15 के भागीदारी प्रबंधन पर आधारित थी। दसवीं योजना के दौरान यह भागीदारी प्रबंधन 75:25 के आधार पर थी. 11वीं योजनावधि के दौरान वित्तीय पैटर्न इस प्रकार था:- योजना अवधि के पहले दो वर्षों के लिए 65:35, तीसरे वर्ष के लिए 60:40, चौथे वर्ष के लिए 55:45 और तत्पश्चात्‌ 50:50 ।

स्‍कूल से बाहर रहने वाले बच्‍चों की संख्‍या में काफी कमी आई..

सर्व शिक्षा अभियान की मध्‍यस्‍थाओं के फलस्‍वरूप स्‍कूल से बाहर रहने वाले बच्‍चों की संख्‍या में काफी कमी आई है। एसआरआई - आईएमआरबी द्वारा किए गए स्‍वतंत्र अध्‍ययन के अनुसार स्‍कूल से बाहर रहने वाले बच्‍चों की संख्‍या 2005 में 134.6 लाख थी जो 2009 में घटकर 81.5 लाख रह गई।

अनुच्‍छेद 21-क और आरटीई अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी हुआ..

अनुच्‍छेद 21-क और आरटीई अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी हुआ। आरटीई अधिनियम के शीर्षक में 'नि:शुल्‍क और अनिवार्य' शब्‍द सम्‍मिलित है। 'नि:शुल्‍क शिक्षा' का अर्थ है कि किसी बालक को यथास्‍थिति उसके माता-पिता, समुचित सरकार द्वारा स्‍थापित स्‍कूल से अलग स्‍कूल में दाखिल करते हैं तो प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने पर उपगत व्‍यय की प्रतिपूर्ति के लिए कोई दावा करने का हकदार नहीं होगा।

लेप्टोस्पाइरोसिस

यह जानवरों से इंसान में फैलने वाली बीमारी है.इस बीमारी का कारण लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया होता है। इसकी चपेट में आने पर बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, लिवर में सूजन और शरीर में दाने के अलावा और कई दिक्कतें हो सकती हैं।

86वां संशोधन अधिनियम- 2002

86वां संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्‍यम से भारत के संविधान में अनुच्‍छेद 21-क शामिल किया गया है ताकि छह से चौदह वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्‍चों को विधि के माध्‍यम से राज्‍य द्वारा यथानिर्धारित मौलिक अधिकार के रूप में नि:शुल्‍क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान की जा सके। नि:शुल्‍क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 जो अनुच्‍छेद 21-क के अंतर्गत परिकल्‍पित अनुवर्ती विधान का प्रतिनिधित्‍व करता है.

मध्याह्‌न भोजन स्कीम

प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए 100 ग्राम प्रति बच्चा प्रति स्कूल दिवस की दर से और उच्‍च प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए 150 ग्राम प्रति बच्चा प्रति स्कूल दिवस की दर से भारतीय खाध निगम के निकटस्थ गोदाम से निःशुल्क खाद्यान्न की आपूर्ति। केन्द्र सरकार भारतीय खाद्य निगम को खाद्यान्न की लागत की प्रतिपूर्ति करती है।

मध्याह्‌न भोजन स्कीम के लक्ष्य


(i)सरकारी स्थानीय निकाय और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और ईजीएस व एआईई केन्द्रों तथा सर्व शिक्षा अभियान के तहत सहायता प्राप्‍त मदरसों एवं मकतबों में कक्षा I से VIII के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना

(ii)लाभवंचित वर्गों के गरीब बच्‍चों को नियमित रूप से स्‍कूल आने और कक्षा के कार्यकलापों पर ध्‍यान केन्द्रित करने में सहायता करना, और

(iii)ग्रीष्‍मावकाश के दौरान अकाल-पीडि़त क्षेत्रों में प्रारंभिक स्‍तर के बच्‍चों को पोषण सम्‍बन्‍धी सहायता प्रदान करना।

मध्याह्‌न भोजन स्कीम

मध्याह्‌न भोजन स्कीम देश के 2408 ब्लॉकों में एक केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम के रूप में 15 अगस्त, 1995 को आरंभ की गई थी। वर्ष 1997-98 तक यह कार्यक्रम देश के सभी ब्लाकों में आरंभ कर दिया गया। वर्ष 2003 में इसका विस्तार शिक्षा गारंटी केन्द्रों और वैकल्पिक व नवाचारी शिक्षा केन्द्रों में पढ़ने वाले बच्चों तक कर दिया गया। अक्तूबर, 2007 से इसका देश के शैक्षणिक रूप से पिछड़े 3479 ब्लाकों में कक्षा VI से VIII में पढने वाले बच्चों तक विस्तार कर दिया गया है। वर्ष 2008-09 से यह कार्यक्रम देश के सभी क्षेत्रों में उच्च प्राथमिक स्तर पर पढने वाले सभी बच्चों के लिए कर दिया गया है। राष्‍ट्रीय बाल श्रम परियोजना विद्यालयों को भी प्रारंभिक स्‍तर पर मध्‍याह्न भोजन योजना के अंतर्गत 01.04.2010 से शामिल किया गया है।

जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम

भारत में प्रारम्भिक शिक्षा को विनियमित करने के लिए सरकार ने नवम्बनर 1994 में जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की, इस कार्यक्रम का लक्ष्यल जिला विशिष्ट् आयोजना के जरिए यूईई को हासिल करने के लिए कार्यनीतियों को प्रचालन करना तथा लक्ष्य कार्यनीतियों को प्रचालन करना तथा लक्ष्य निर्धारण पर अमल करना है। कस्तूररबा गांधी शिक्षा योजना का उद्देश्य उन सभी जिलों में लड़कियों के लिए रिहायशी विद्यालयों की स्थागपना करना हैं जिनमें विशेष रुप से निम्नं महिला साक्षरता दर है।

केन्द्रीय जल आयोग

केन्द्रीय जल आयोग जल संसाधन के क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख तकनीकी संगठन है और वर्तमान में जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार के सम्बद्ध कार्यालय के रूप में कार्य कर रहा है। आयोग को संबंधित राज्य सरकारों के परामर्श से बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, नौ-गमन, पेयजल आपूर्ति और जल विद्युत विकास के प्रयोजन हेतु समूचे देश में जल संसाधनों के नियंत्रण, संरक्षण और उपयोग संबंधी योजनाओं को शुरू करने, समन्वय करने तथा उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य सौंपा गया है।

राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना

राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना की राष्‍ट्रीय कृषि बीमा के नाम से भी जाना जाता है। यह एक व्‍यापक योजना है जो राष्‍ट्रीय आपदा, कीटों अथवा रोगों के परिणामस्‍वरूप प्रमुख फसलों को किसी भी प्रकार का नुकसान होने की घटना में किसानों को बीमा कवरेज और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह योजना कृषि संबंधी प्रगतिशील पद्धतियां, उच्‍च मूल्‍य आगतों और आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए प्रोत्‍साहित भी करती है।

राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना

वर्ष 1985 में, प्रमुख फसलों के लिए एक 'संपूर्ण जोखिम व्‍यापक फसल बीमा योजना' (सीसीआईएस) शुरू की गई थी, जो सातवीं पंच वर्षीय योजना के साथ - साथ शुरू की गई थी। तत्‍पश्‍चात 1999 - 2000 में स्‍थान इसका राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना और एनएआईएस ने लिया। मूलत: एनएआईएस का प्रबंधन जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी किया जाता था। बाद में, इस योजना के कार्यान्‍वयन के लिए एक नए निकाय एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया की स्‍थापना की गई।

राष्‍ट्रीय पौध संरक्षण प्रशिक्षण संस्‍थान

सरकार ने पौध संरक्षण तरीकों में प्रशिक्षण देने के लिए हैदराबाद में राष्‍ट्रीय पौध संरक्षण प्रशिक्षण संस्‍थान का गठन किया है। यह संस्‍थान पौध संरक्षण के विभिन्‍न पहलुओं पर दीर्घ और लघु अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करके पौध संरक्षण प्रौद्योगिकी में मानव संसाधन विकास में विशिष्टिकृत है। यह विदेशी नागरिकों को भी प्रशिक्षण देता है जो विभिन्‍न एजेंसियों के साथ द्विपक्षीय कार्यक्रमों द्वारा प्रायोजित होते हैं।

एकीकृत कीट प्रबंधन योजना

सरकार द्वारा चलाई जा रही कीट प्रबंधन योजनाओं में से सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण एकीकृत कीट प्रबंधन योजना (आईपीएम) है। यह योजना को आर्थिक प्रारंभिक स्‍तर अथवा ईटीएल से नीचे रखने के लिए सर्वज्ञात कीट नियंत्रण उपायों के सर्वोत्तम मिश्रण की ओर लक्षित है। केन्‍द्र सरकार टिड्डियों की संख्‍या की निगरानी करने और नियंत्रित करने के लिए योजना भी चलाती है।

Tuesday, October 23, 2012

हिंदी

उत्तर प्रदेश में 20 करोड़, बिहार में 8.2 करोड़, मध्य प्रदेश में 7.5 करोड़, राजस्थान में 6.9 करोड़, झारखंड में 2.7 करोड़, छत्तीसगढ़ में 2.6 करोड़, हरियाणा में 2.6 करोड़ और हिमाचल प्रदेश में 70 लाख लोग हिंदी बोलते हैं।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में अमेरिका की एमआईटी टॉप पर है और दूसरे नंबर पर ब्रिटेन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी। आईआईटी दिल्ली 2010 में जहां 202वें नंबर पर थी, इस बार वह लुढ़क कर 218वें पायदान पर आ चुकी है।

ग्लोबल फूड इंडेक्स

ग्लोबल फूड इंडेक्स में भारत श्रीलंका, वियतनाम, मलयेशिया, होंडुरास और बोट्सवाना जैसे देशों से कहीं नीचे है। भूख से लड़ाई लड़ने वाला टॉप देश है अमेरिका, आखिरी नंबर कांगो का है। चीन 38वें पर है तो भारत 66वें नंबर पर। पौष्टिक तत्वों और कैलरी का सेवन करने के मामले में भारत की हालत दयनीय है।

प्रिन्स ऑफ़ वेल्स

अप्रैल, 1921 में प्रिन्स ऑफ़ वेल्स के भारत आगमन पर उनका सर्वत्र काला झण्डा दिखाकर स्वागत किया गया. 17 नवम्बर, 1921 को जब प्रिन्स ऑफ़ वेल्स का बम्बई आगमन हुआ, तो उनका स्वागत राष्ट्रव्यापी हड़ताल से हुआ।

आईपैड मिनी

ऐपल ने आईपैड मिनी को लॉन्च कर दिया। इसमें 7.9 इंच की स्क्रीन है जबकि पुराने आईपैड में करीब 10 इंच की स्क्रीन थी। आईपैड मिनी में ए-5 प्रोसेसर, 5 मेगापिक्सल कैमरा, एचडी विडियो चैट जैसे फीचर भी शामिल हैं।इसका वाई-फाई मॉडल 329 डॉलर का है जबकि 3जी मॉडल की शुरुआत 459 डॉलर से होगी।

तिलक स्वराज्य फ़ण्ड

1920 ई. में तिलक स्वराज्य फ़ण्ड की स्थापना की गई, जिसमें लोगों द्वारा एक करोड़ से अधिक रुपये जमा किये गए।

असहयोग आन्दोलन के दौरान वकालत का बहिष्कार

असहयोग आन्दोलन के दौरान वकालत का बहिष्कार करने वाले वकीलों में प्रमुख थे-बंगाल के देशबन्धु चित्तरंजन दास, उत्तर प्रदेश के मोतीलाल नेहरू एवं जवाहरलाल नेहरू, गुजरात के विट्ठलभाई पटेल एवं वल्लभ भाई पटेल, बिहार के राजेन्द्र प्रसाद, मद्रास के चक्रवर्ती राजगोपालाचारी एवं दिल्ली के आसफ़ अली आदि। मुस्लिम नेताओं में असहयोग में सर्वाधिक योगदान देने वाले नेता थे-डॉक्टर अन्सारी, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, शौक़त अली, मुहम्मद अली आदि.

असहयोग आन्दोलन से पहले गांधी जी ने कैसर-ए-हिन्द पुरस्कार को लौटा दिया.

असहयोग आन्दोलन से पहले गांधी जी ने कैसर-ए-हिन्द पुरस्कार को लौटा दिया. 1915 के नए साल के खिताबों में उन्हें सरकार की ओर से 'कैसर-ए-हिन्द' स्वर्ण पदक प्रदान किया गया.राय बहादुर की उपाधि से सम्मानित जमनालाल बजाज ने भी यह उपाधि वापस कर दी. पश्चिमी भारत, बंगाल तथा उत्तरी भारत में असहयोग आन्दोलन को अभूतपूर्व सफलता मिली।

नागपुर अधिवेशन

कांग्रेस केन नागपुर अधिवेशन में असहयोग के प्रस्ताव की पुष्टि कर दी गई. कांग्रेस ने रचनात्मक कार्यक्रमों की एक सूची तैयार की....सभी वयस्कों को कांग्रेस का सदस्य बनाना.भाषायी आधार पर प्रान्तीय कांग्रेस समितियों का पुनर्गठन.हाथ की कताई-बुनाई को प्रोत्साहन.अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का गठन.यथासम्भव हिन्दी का प्रयोग.

अंग्रेज़ी सरकार शैतान है...गांधी

अंग्रेज़ी सरकार शैतान है, जिसके साथ सहयोग सम्भव नहीं। अंग्रेज़ सरकार को अपनी भूलों पर कोई दु:ख नहीं है, अत: हम कैसे स्वीकार कर सकते हैं कि नवीन व्यवस्थापिकाएँ हमारे स्वराज्य का मार्ग प्रशस्त करेंगीं। स्वराज्य की प्राप्ति के लिए हमारे द्वारा प्रगतिशील अहिंसात्मक असहयोग की नीति अपनाई जानी चाहिए--गांधी.

भारतीय दंड संहिता की धारा- 372

देश के 90 हजार बच्चे हर साल गुम हो जाते हैं। वे गरीब घरों के होते हैं। उनके मां-बाप उनके लिए अच्छा खाना, कपड़ा और शिक्षा का इंतजाम नहीं कर सकते। 1974 में संसद ने बच्चों के लिए एक राष्ट्रीय नीति पर मुहर लगाई थी, जिसमें उन्हें देश की अमूल्य धरोहर घोषित किया गया था। भारतीय दंड संहिता की धारा 372 में नाबालिग बच्चों की खरीद-फरोख्त पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है.

आकाश-2

आकाश-2 में एक गीगाहर्त्ज़ का प्रोसेसर, दो घंटे तक चलने वाली बैट्री और एंड्रायड-4 ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह टैबलेट एजुकेशन में स्टूडेंट्स के लिए भारी बदलाव करने वाला साबित होगा। आकाश के नए वर्ज़न को आईआईटी मुंबई के सक्रिय सहयोग से तैयार किया जा रहा है।

सुनील गंगोपाध्याय

साहित्य अकादमी के अध्यक्ष सुनील गंगोपाध्याय का हार्ट अटैक से निधन हो गया। नीरा सीरीज की उनकी कविताएं काफी मशहूर हुईं.गंगोपाध्याय को वर्ष 2008 में साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिला। पांच सालों तक साहित्य अकादमी का अध्यक्ष रहने के बाद वह फरवरी, 2008 में इसके अध्यक्ष चुने गए।

Monday, October 22, 2012

गुटनिरपेक्ष आंदोलन

गुटनिरपेक्ष आंदोलन की सचिवालय या एक संविधान के रूप में औपचारिक संरचना नहीं है। अध्‍यक्ष सिद्धांतों और आंदोलन की गतिविधियों को बढ़ावा देने, प्रशासनिक संरचना प्रदान करने और कार्य में समन्वय की जिम्मेदारी सौंपता है। न्यूयॉर्क में गुटनिरपेक्ष आंदोलन का समन्वय ब्यूरो (एनएएम-सीओबी आंदोलन के कार्य के समन्वय के लिए केन्द्र बिन्दु के रूप में कार्य करता है। आंदोलन द्वारा सभी फैसले कार्टाजेना (कोलम्बिया) में 11 अक्टूबर 1995 में गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन में अपनायी गई क्रियाविधि पर कार्टाजेना दस्तावेज़ के अनुसार सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।

आईएनएस सुदर्शनी

आईएनएस सुदर्शनी नौवहन अभियान 15 सितम्बर 2012 से 26 मार्च 2013 के लिए प्रस्‍तावित है, जो मानसून हवा के साथ प्राचीन व्यापार मार्ग का पता लगाएगा और दक्षिण पूर्व एशिया तथा के साथ भारत के समुद्री मार्गों की अवधारण को उजागर करेगा तथा क्षेत्र के लोगों के बीच नेटवर्किंग और कनेक्‍टिवटी पर प्रकाश डालेगा। आईएनएस सुदर्शनी की नौवहन अभियान कोच्चि से झंडी दिखाकर शुरू और यह नौ आसियान देशों के बंदरगाहों पर जाएगा। विभिन्न बंदरगाहों पर फिक्की और आईसीसी, कोलकाता द्वारा 'यादगार' बी2बी कार्यक्रम और आईसीसीआर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पूर्व की ओर देखो नीति

आसियान के साथ संबंधों में वृद्धि करना भारत की 'पूर्व की ओर देखो नीति' का केंद्रबिन्‍दु रहा है। 1991 में जब से इस नीति की शुरुआत हुई आसियान-भारत संबंधों में लगातार प्रगति हुई है। भारत 1992 में आसियान का क्षेत्रीय वार्ता भागीदार बना, जोकि 1996 में अभिवृद्धि करके पूर्ण वार्ता भागीदारी बन गया। वर्ष 2002 से आसियान के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन कर रहे हैं।

निवेश आयोग

निवेश आयोग की स्‍थापना वित्‍त मंत्रालय में इन उद्देश्‍यों से की गई थी- भारत में निवेश का संवर्धन करने वाले नीतिगत तथा प्रक्रियात्‍मक परिवर्तनों के संबंध में सरकार को सलाह देना; उन परियोजनाओं तथा निवेश प्रस्‍तावों की अनुशंसा करना जिनकों तीव्र ट्रैक पर डाला जाता है/प्रेरित किया जाना है और इस प्रकार एक निवेश के रूप में भारत को संवर्धित करना।

परमाणु अप्रसार संधि

परमाणु अप्रसार संधि एक ऐसी वैश्विक संधि है जिसके द्वारा नाभिकीय हथियारों व नाभिकीय तकनीक का उन देशों में प्रसार रोकने का प्रयास किया जाता है जिन देशों के पास यह तकनीक उपलब्ध नहीं है। इस संधि के सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान के अनुसार जिन देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं उन्हें परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए भी किसी देश द्वारा परमाणु सामग्री का हस्तांतरण नहीं किया जा सकता है। इस संधि में एक प्रस्तावना के अतिरिक्त 11 अनुच्छेद शामिल हैं और यह 5 मार्च, 1970 से लागू हुई।

विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड

विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की स्‍थापना वित्‍त मंत्रालय में विशेष रूप से विदेशी निवेश प्रस्‍तावों की अनुमोदन प्रक्रिया को त्‍वरित करने के लिए की गई है। यह विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश संबंधी सरकार की नीति को निष्‍पादित करने वाला सचिवालय है। एफआईपीबी सचिवालय में प्राप्‍त सभी प्रस्‍तावों पर बोर्ड द्वारा विचार किया जाता है।

डैन डेविड सम्मान

अमिताभ घोष को अंतरराष्टय संदर्भ में पश्चिमी उपन्यास की परंपरा पर नए सिरे से कार्य करने के लिए प्रतिष्ठित डैन डेविड सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अमिताभ घोष को संयुक्त रूप से डा. गार्डन ई. मूर के साथ दिया गया है।

सोनोग्राफी

सोनोग्राफी रेडियोलॉजी की एक ब्रांच है। इसका उपयोग शरीर के विभिन्न अंगों मसलन छाती, दिल, पेट आदि में जांच करने के लिए प्रयोग में लाई जाती है। गर्भस्थ शिशु की सभी प्रक्रियाओं की जानकारी सोनोग्राफी के माध्यम से जान सकते हैं।

भारत का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर

भारत का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है। यह 8 डिग्री 4' उत्तर से 37 डिग्री 6' उत्तर अक्षांश, तथा 68' 7' पूर्व से 97 डिग्री 25' पूर्व देशांतर के बीच स्थित है। इसका विस्‍तार अक्षांशों के बीच उत्तर से दक्षिण तक लगभग 3,214 कि.मी. तथा देशांतरों के बीच पूर्व से पश्चिम तक लगभग 2,933 कि.मी. है। तटीय रेखा की कुल लंबाई 7,516.6 कि.मी. है।

चिकित्‍सा पर्यटन

भारत में चिकित्‍सा सेवा की लागत पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत कम है और दक्षिण पूर्ण एशिया में सबसे सस्‍ता है। भारत में अच्‍छी अंग्रेजी बोलने वाले डाक्‍टरों, मार्गदर्शकों और चिकित्‍सा स्‍टाफ की बड़ी जनसंख्‍या है। यह विदेशियों को भारतीय डाक्‍टरों के साथ संबंध बनाने में आसान बना देती है।भारतीय अस्‍पताल कार्डियोलॉजी और कार्डियोथोरासिस सर्जरी, जोड़ प्रतिस्‍थापन, ट्रांसप्‍लांट, सौंदर्य उपचार, दंत चिकित्‍सा, हड्डियों की सर्जरी इत्‍यादि में दक्षता प्राप्‍त कर रहे हैं।भारत में बांझपन के उपचार की लागत विकसित राष्‍ट्रों की तुलना में लगभग 1/4 है।

लोकसभा और राज्‍यसभा

लोक सभा का कार्यकाल केवल 5 वर्ष है जबकि राज्‍यसभा एक स्‍थायी निकाय है।लोक सभा के सदस्‍यों को सीधे पात्र मतदाताओं द्वारा निर्वाचित किया जाता है। राज्‍य सभा के सदस्‍यों को एकल अंतरणीय मत के माध्‍यम से आनुपारित प्रतिनिधित्‍व की प्रणाली के अनुसार राज्‍य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्‍यों द्वारा चुना जाता है।लोक सभा वह सदन है जिसके प्रति मंत्रिपरिषद सं‍विधान के अंतर्गत उत्‍तरदायी है। धन विधेयक को केवल लोकसभा में पुन: स्‍थापित किया जा सकता है।राज्‍य सभा के पास यह घोषित करने के लिए विशेष शक्तियां है कि राष्‍ट्रीयहित में यह आवश्‍यक तथा समयोचित है कि संसद राज्‍य सूची में किसी मामले के संबंध में कानून बनाए अथवा कानून द्वारा एक या अधिक अखिल भारत सेवाओं का सृजन करे जो संघ तथा राज्‍यों के‍ लिए एक समान हो।

लोकसभा

हिन्‍दी नाम लोकसभा को 14 मई 1954 को अपनाया गया। लोकसभा का संघटन सार्वभौम वयस्‍क मताधिक के आधार पर प्रत्‍यक्ष चुनाव द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों से किया जाता है। संविधान में व्‍यवस्‍था है कि सदन की अधिकतम सदस्‍य संख्‍या 552 होगी – 530 सदस्‍य राज्‍यों का प्रतिनिधित्‍व करेंगे, 20 सदस्‍य संघशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्‍व करेंगे तथा 2 सदस्‍यों को राष्‍ट्रपति द्वारा एंग्‍लो-इण्डियन समुदाय से नामित किया जाएगा। वर्तमान में सदन की सदस्‍य संख्‍या 545 है। लोकसभा का कार्य काल इसकी प्रथम बैठक के लिए नियुक्‍त तिथि से पांच वर्ष है।

राज्‍य सभा एक स्‍थायी निकाय है..

राज्‍य सभा में अधिकाधिक 250 सदस्‍य होंगे – 238 सदस्‍य राज्‍यों तथा संघ राज्‍य क्षेत्रों के प्रतिनिधि होंगे तथा 12 सदस्‍यों को राष्‍ट्रपति द्वारा नामांकित किया जाएगा। राज्‍य सभा एक स्‍थायी निकाय है तथा इसे भंग नहीं किया जा सकता। तथापि, इसके एक तिहाई सदस्‍य प्रत्‍येक दूसरे वर्ष सेवानिवृत्‍त होते हैं तथा उन्‍हें नए निर्वाचित सदस्‍यों द्वारा प्रतिस्‍थापित किया जाता है। प्रत्‍येक सदस्‍य को छ: वर्ष की अवधि के लिए निर्वाचित किया जाता है। भारत का उपराष्‍ट्रपति राज्‍य सभा का पदेन सभापति है। यह सदन अपने सदस्‍यों में से एक उप सभापति का चुनाव भी करता है.

राज्‍य सभा की शुरूआत

भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को प्रवृत्‍त हुआ। नए संविधान के तहत प्रथम आम चुनाव वर्ष 1952 में आयोजित किए गए थे. पन्द्रहवीं लोकसभा अप्रैल 2009 में अस्तित्‍व में आई.राज्‍य सभा की शुरूआत 1919 में देखी जा सकती है जब भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अनुसरण में एक द्वितीय सदन, का सृजन किया गया जिसका नाम राज्‍य परिषद था। इसके हिन्‍दी नाम राज्‍यसभा को 23 अगस्‍त 1954 को अपनाया गया।

संविधान की धारा- 79

भारत के संविधान की धारा 79 के अनुसार, केन्‍द्रीय संसद की परिषद में राष्‍ट्रपति तथा दो सदन है जिन्‍हें राज्‍य सभा लोक सभा के नाम से जाना जाता है.संविधान की धारा 74 (1) में यह व्‍यवस्‍था की गई है कि राष्‍ट्रपति की सहायता करने तथा उसे सलाह देने के लिए एक मंत्री परिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधान मंत्री होगा.

भारत राज्‍यों का एक संघ है..

भारत राज्‍यों का एक संघ है। य‍ह संसदीय प्रणाली की सरकार वाला एक स्‍वतंत्र प्रभुसत्ता सम्‍पन्‍न समाजवादी लोकतंत्रात्‍मक गणराज्‍य है। यह गणराज्‍य भारत के संविधान के अनुसार शासित है जिसे संविधान सभा द्वारा 26 नवम्‍बर 1949 को ग्रहण किया गया तथा जो 26 जनवरी 1950 को प्रवृत्त हुआ।

लांस आर्मस्ट्रॉन्ग

साइकलिस्ट लांस आर्मस्ट्रॉन्ग को 'टूर डे फ्रांस' के 7 खिताबों से वंचित कर दिया गया है। यह फैसला इंटनैशनल साइक्लिंग यूनियन ने लिया है।आर्मस्ट्रॉन्ग ने 2011 में खेल से औपचारिक रुप से संन्यास ले लिया. आर्मस्ट्रॉंन्ग ने साइकल रेस में 'टूर डे फ्रांस' रैली सात बार जीती है जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

Sunday, October 21, 2012

मल्टीपर्पज़ ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट

“मल्टीपर्पज़ ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट” (एमटीए) के विकास के पहले चरण के काम के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हो गए.इस ऑर्डर पर काम करेंगे भारतीय निगम ‘हिंदुस्तान एरोनौटिक्स लिमिटेड’ तथा रूस का ‘संयुक्त विमाननिर्माण निगम – परिवहन विमान’ निगम.

'तरकश' युद्धपोत

भारतीय नौसेना के लिए बनाए गए 'तरकश' नामक युद्धपोत के खुले समुद्र में किए जा रहे परीक्षण समाप्त हो गए। 14 जून 2006 को भारत ने रूस को तीन युद्धपोतों केर निर्माण का आर्डर दिया था। यह आदेश कुल 1.6 अरब डॉलर का था। पहला युद्धपोत 'तेग' भारत को अप्रैल 2012 में सौंपा जा चुका है। दूसरा तरकश तैयार है और तीसरे 'त्रिकंड' का मई 2011 में जलावतरण किया जा चुका है।

रूस और भारत

भारत रूस के लायसेंस पर नवीनतम सैन्य तकनीक यानी सू-30 जैसे विमानों और टी-90 जैसे टैंकों का निर्माण कर रहा है। रूस और भारत मिलकर पाँचवी पीढ़ी का नवीनतम लड़ाकू विमान भी बना रहे हैं। और रूस व भारत द्वारा मिलकर बनाए गए ब्रह्मोस मिसाइल आज दुनिया में सबसे तेज गति से उड़ने वाले क्रूज-मिसाइल माने जाते हैं।

एम०आई-17बी-5

एम०आई-17बी-5 नामक रूसी हैलिकॉप्टरों की ख़रीद के बारे में भारत ने रूस के साथ सन् 2008 में समझौता किया था और हाल ही में इन हैलिकॉप्टरों को भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया गया है. सन् 2008 में किए गए समझौते के अनुसार रूस सन् 2014 तक भारत को कुल 80 हैलिकॉप्टरों की आपूर्त्ति करेगा। इनमें से 21 हैलिकॉप्टर भारत को दिए जा चुके हैं।एम०आई-17बी-5 नामक जो रूसी हैलिकॉप्टर सेना के इस्तेमाल के लिए बनाए जाते हैं, उनका उपयोग लड़ाई के मैदान में थल सेना की सहायता करने, कमांडो सैनिकों को कही उतारने या चढ़ाने तथा बमवर्षा करने के लिए किया जा सकता है।

नई विदेशी कारोबार नीति

नई विदेशी कारोबार नीति (एफटीपी) की घोषणा अगस्‍त 2004 में की गई, जिसमें वर्ष 2004-2009 की अवधि शामिल है, भारत के विदेशी कारोबार क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक व्‍यापक नीति है। यह दो मुख्‍य उद्देश्‍यों के आसपास निर्मित की गई है : (i) अगले पांच वर्षों में वैश्विक मर्चेंडाइस कारोबार की प्रतिशत भागीदारी को दो गुना करना; और (ii) रोजगार उत्‍पादन को बल देकर कारोबार में आर्थिक वृद्धि के एक प्रभावी साधन के रूप में कार्य करना।

आयात

आयात का मतलब, भारत से बाहर किसी स्थान से भारत में लाना, है। आयातित वस्तु का मतलब कोई वस्तु या सामान जो भारत के बाहर किसी स्थान से भारत में लाना है, लेकिन इसमें वे वस्तुएं शामिल नहीं हैं जो घरेलू उपभोग के लिए स्वीकृत हैं।

Saturday, October 20, 2012

वस्त्र निर्यात संवर्द्धन परिषद

वस्त्र निर्यात संवर्द्धन परिषद की 1978 में वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रायोजित संस्था के रूप में स्थापना हुई थी। इसका उद्देश्य वस्त्रों और सिले-सिलाये वस्त्रों के निर्यात को बढ़ावा देना था।यह परिषद भारत से वस्त्र निर्यातकों की सरकारी संस्था है, जो भारतीय निर्यातकों के अलावा आयातकों और उन अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों को मूल्यवान परामर्श और सहायता प्रदान करती है.

कपास प्रौद्योगिकी मिशन

देश में कपास की उत्पादकता और गुणवत्ता में अतंर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुधार करने के लिए सरकार ने 2000 में कपास प्रौद्योगिकी मिशन शुरू किया.इस मिशन के अंतर्गत चार मिशन हैं, जिन्हें कृषि एवं कपड़ा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। इसके तहत कपास अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, विपणन सम्बंधी आधारभूत ढांचे में सुधार तथा ओटाई और प्रेस करने वाली मिलों का आधुनिकीकरण किया गया।

कपास उत्पादन

भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक एवं उपभोक्ता है। देश में कपास का क्षेत्रफल विश्व में सर्वाधिक है। भारत में विश्व के कुल कपास उत्पादन का लगभग 18 प्रतिशत उत्पन्न हो रहा है। देश में कपास उत्पादन का क्षेत्रफल लगभग 122 लाख हेक्टेयर है, जो विश्व का लगभग 25 प्रतिशत है। प्रमुख उत्पादक देशों में चीन, भारत, अमेरिका और पाकिस्तान प्रमुख हैं।

देश के 13 राज्यों के लगभग 62 लाख किसान कपास की खेती से जुड़े हुए हैं..

देश के 13 राज्यों के लगभग 62 लाख किसान कपास की खेती से जुड़े हुए हैं। 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात करने वाले वस्त्र उद्योग का मुख्य फाईबर भी कपास ही है. वर्तमान में कुल फाईबर उत्पादन का 60 प्रतिशत हिस्सा कपास का है।वर्ष 2000 में आरंभ किए गए प्रौद्योगिकी मिशन से कपास के उत्पादन और उपज में उल्लेखनीय सुधार से अधिशेष मात्रा का विश्व बाजार में निर्यात भी होने लगा है।

वर्ष 2005 में शुरू की गई जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के बाद संस्‍थागत शिशु जन्‍म में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है..

वर्ष 2005 में शुरू की गई जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के बाद संस्‍थागत शिशु जन्‍म में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है। जननी सुरक्षा कार्यक्रम की शुरूआत यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि प्रत्‍येक गर्भवती महिला तथा एक माह तक रूग्‍ण नवजात शिशुओं को बिना किसी लागत तथा खर्चे के स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रदान की जाएं।

जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम एक जून 2011 को गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू किया था। इस योजना के अंतर्गत मुफ्त सेवा प्रदान करने पर बल दिया गया है। इसमें गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं को खर्चों से मुक्‍त रखा गया है। गर्भवती महिलाएं को मुफ्त दवाएं एवं खाद्य, मुफ्त इलाज, जरूरत पड़ने पर मुफ्त खून दिया जाना, सामान्‍य प्रजनन के मामले में तीन दिनों एवं सी-सेक्‍शन के मामले में सात दिनों तक मुफ्त पोषाहार दिया जाता है।

जननी सुरक्षा योजना

जननी सुरक्षा योजना की शुरूआत संस्‍थागत प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए की गई थी जिससे शिशु जन्‍म प्रशिक्षित डाक्‍टरों द्वारा कराया जा सके तथा माता एवं नवजात शिशुओं को गर्भ से संबंधित जटिलताओं एवं मृत्‍यु से बचाया जा सके।

डिजिटलीकरण प्रक्रिया

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की डिजिटलीकरण प्रक्रिया की हालिया समीक्षा में पता चला है कि चारों मेट्रो शहरों दिल्‍ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्‍नई में केबल टीवी डिजिटलीकरण का 81 प्रतिशत लक्ष्‍य हासिल कर लिया गया है। यदि डीटीएच की प्रगति को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो यह आंकड़ा 87 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।

आधार सक्षम सेवा डिलिवरी

सरकार देश के 51 जिलों में आधार सक्षम सेवा डिलिवरी जारी कर रही है। इसका उपयोग पेंशन के भुगतान, मनरेगा के भुगतानों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, छात्रवृत्ति प्रदान करने आदि में किया जाएगा।

Friday, October 19, 2012

अंगुत्तरनिकाय

अंगुत्तरनिकाय बौद्ध ग्रंथ है। महात्मा बुद्ध द्वारा भिक्षुओं को उपदेश में की जाने वाली बातों का वर्णन है। इस में छठी शताब्दी ई.पू. के सोलह महाजनपदों का उल्लेख मिलता हैं.

वत्स महाजनपद

आधुनिक उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद तथा मिर्ज़ापुर ज़िले वत्स महाजनपद के अर्न्तगत आते थे। गौतम बुद्ध के समय वत्स देश का राजा उदयन था जिसने अवंती-नरेश चंडप्रद्योत की पुत्री वासवदत्ता से विवाह किया था.

मल्ल

महापरिनिब्बानसुत्त के वर्णन के अनुसार गौतम बुद्ध के समय में कुसीनारा या कुशीनगर के निकट मल्लों का शालवन हिरण्यवती नदी (गंडक) के तट पर स्थित था। जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में मोलि या मालि नाम से मल्ल-जनपद का उल्लेख है। बौद्ध साहित्य में मल्ल देश की दो राजधानियों का वर्णन है— कुशावती और पावा.

काजीरंगा और जिम कार्बेट अभ्यारण्य

1905 में शुरू काजीरंगा और 1936 में शुरू जिम कार्बेट अभ्यारण्य उत्तरी भारत के दो ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं, जो क्रमशः ब्रह्मपुत्र घाटी और हिमालय के पाद प्रदेश में पड़ते हैं.काजीरंगा जब शुरू हुआ था तो गोलाघाट और नौगांव जिलों के 232 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में इसका फैलाव था। 1968 में नेशनल पार्क बनने पर इसका क्षेत्रफल 430 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया.सिर्फ बाघ, हाथी, गैंडे, जंगली भैंस या घड़ियाल पर केंद्रित करके न इन पार्कों की जैव विविधता को समझा जा सकता है और न उसका संरक्षण किया जा सकता है.

रियो+20 पृथ्वी शिखर सम्मेलन

विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों ने ‘“द फ्यूचर वी वांट’ नामक दस्तावेज को कुछ देशों के ‘रिजरवेशन’ के बावजूद स्वीकार कर लिया. पारित दस्तावेज में कहा गया कि गरीबी उन्मूलन धरती पर सबसे बड़ी चुनौती ही नहीं है बल्कि टिकाऊ विकास के लिये इसके उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करना बहुत जरूरी है। इस संदर्भ में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय पक्षों के आपसी रिश्तों को समझते हुये टिकाऊ विकास की अवधारणा की समझ भी जरूरी बताई गयी है और यह भी कि इस सबके केंद्र में मनुष्य है।

क्षेत्रीय सहयोग के लिए हिंद महासागर रिम संघ

क्षेत्रीय सहयोग के लिए हिंद महासागर रिम संघ- इस समय इसके 19 सदस्‍य हैं – आस्‍ट्रेलिया, बंग्‍लादेश, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, केन्‍या, मलेशिया, मेडागास्‍कर, मॉरीशस, मोजांबिक, ओमान, सिसली, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, तंजानिया, थाइलैंड, संयुक्‍त अरब अमीरात एवं यमन। पांच वार्ता साझेदार हैं अर्थात चीन, मिस्र, फ्रांस, जापान और यूके तथा दो प्रेक्षक हैं.तेहरान में 2008 में स्‍थापित क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अंतरण केंद्र (आर सी एस टी टी) को आई ओ आर – ए आर सी के अंतर्गत सहायक निकाय का दर्जा प्राप्‍त है।

क्षेत्रीय सहयोग के लिए हिंद महासागर रिम संघ

आई ओ आर – ए आर सी, हिंद महासागर की परिधि में आने वाले देशों की एक क्षेत्रीय सहयोग पहल है. स्‍थापना 1997 में मॉरीशस में आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से की गई।यह एक मात्र अखिल हिंद महासागर समूह है। इसका उद्देश्‍य हिंद महासागर के क्षेत्र में, जहाँ तकरीबन दो बिलियन आबादी पाई जाती है, व्‍यापार, सामाजिक – आर्थिक एवं सांस्‍कृतिक सहयोग के लिए एक मंच का सृजन करना है.

जीरो ड्राफ्ट

रियो+20 और UNCSD (United Nations Conference on Sustainable Development) सम्मेलन के आउटकम दस्तावेज को जीरो ड्राफ्ट कहा जाता है जिसका शीर्षक है-भविष्य जो हम चाहते हैं.

हरित अर्थव्‍यवस्‍था के संबंध में भारत का नजरिया

हरित अर्थव्‍यवस्‍था के संबंध में भारत का नजरिया अनिवार्यत: गरीबी उन्‍मूलन, खाद्य सुरक्षा, आधुनिक ऊर्जा सेवाओं तक रोजगार सृजन जैसी तात्‍कालिक प्राथमिकताओं से संबंधित है। भारत का मानना है कि 'हरित अर्थव्‍यवस्‍था' एक गतिशील विचारधारा है, जिसका उद्देश्‍य निरंतरता के साथ गरीबी उन्‍मूलन की दिशा में कार्यकलापों को बढ़ावा देना अत: आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय विकास के क्रम में अर्थव्‍यवस्‍था को हरित स्‍वरूप प्रदान करना है। भारत का मानना है कि 'हरित अर्थव्‍यवस्‍था' पर किसी भी प्रकार की समझ से पूर्व समान परंतु साझे और भिन्‍न दायित्‍वों (सीबीडीआर) के सिद्धांत पर निश्‍चित रूप से ध्‍यान दिया जाना चाहिए। हरित मॉडल को ऑपचारिक रूप देने की जल्‍दबाजी में विकास के एक ऐसे नए अंतर्राष्‍ट्रीय मानदण्‍ड की रूपरेखा बन सकती है, जिससे शायद अन्‍य प्रकार के विकास मॉडल अवैध हो जाएं। इसमें विकास का वह मॉडल भी शामिल हो सकता है, जिसका अनुपालन भारत जैसे अनेक देश अपने सामाजिक-आर्थिक विकास एवं गरीबी उपशमन के लिए करते रहे हैं।

'हरित अर्थव्‍यवस्‍था

रियो सिद्धांतों द्वारा परिभाषित सतत विकास और इसकी तीन आधारशिलाओं नामत: आर्थिक, सामाजिक तथा पर्यावरणीय के आधार पर वैश्‍विक विकास मार्ग को परिभाषित करने की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। उनकी समझ में हरित अर्थव्‍यवस्‍था को इस व्‍यापक रूपरेखा के साथ सहयोजित माना गया है तथा हरित विकास पर कार्रवाई तभी प्राप्‍त की जा सकती है जब विकासशील देशों को वित्‍त, प्रौद्योगिकी एवं क्षमता निर्माण की दिशा में सहायता प्रदान करते हुए समर्थकारी तंत्र उपलब्‍ध कराया जाए।एक रूपरेखा के रूप में 'हरित अर्थव्‍यवस्‍था' तभी सफल होगी जब इससे गरीबी उन्‍मूलन की समस्‍या का समाधान करने की क्षमताओं का उन्‍नयन हो, राष्‍ट्रीय परिस्‍थितियों एवं प्राथमिकताओं के लिए नीतिगत उपाय किए जाएं और यह सुनिश्‍चित किया जाए कि इसके परिणामस्‍वरूप आए ढांचागत बदलावों से हरित संरक्षणवाद एवं अवांछनीय शर्तों को बढ़ावा न मिले।

रियो+20


 रियो+20 को सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त करने और निरंतरता के संबंध में वैश्‍विक कार्रवाई को बढ़ावा देने संबंधी नई रूपरेखाओं की तलाश करने की प्रक्रिया में वैश्‍विक समुदाय के लिए एक महत्‍वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

यूएनसीएसडी 2012 के निम्‍नलिखित उद्देश्‍य हैं :

सतत विकास के लिए नवीकृत राजनैतिक प्रतिबद्धता सुनिश्‍चित करना
रियो सम्‍मेलन के बाद हुई प्रगति तथा निष्‍कर्षों के कार्यान्‍वयन की कमियों का आकलन करना
नई एवं उभरती चुनौतियों का समाधान करना।

सतत विकास से संबद्ध संयुक्‍त राष्‍ट्र आयोग

वर्ष 1992 में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा ने संयुक्‍त राष्‍ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (इकोसोस) के एक कार्यात्‍मक आयोग के रूप में सतत विकास से संबद्ध संयुक्‍त राष्‍ट्र आयोग (सीएसडी) का सृजन किया, जिसे पर्यावरण एवं विकास पर रियो घोषणा के कार्यान्‍वयन में होने वाली प्रगति की समीक्षा करने का अधिदेश दिया गया।

जोहानसबर्ग घोषणा

वर्ष 2002 में जोहानसबर्ग में सतत विकास पर विश्‍व शिखर सम्‍मेलन (डब्‍ल्‍यूएसएसडी) का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्‍य सतत विकास प्रतिमानों को और संवेग प्रदान करना था। इस शिखर सम्‍मेलन में जोहानसबर्ग घोषणा तथा जोहानसबर्ग कार्य योजना (जेपीओआई) पारित की गई।

पर्यावरण एवं विकास पर पहले संयुक्‍त राष्‍ट्र सम्‍मेलन

प्रगति की विचारधारा और रणनीति के रूप में सतत विकास पर 1980 के दशक के लगभग विश्‍व स्‍तर पर चर्चा आरंभ हुई। पर्यावरण एवं विकास पर पहले संयुक्‍त राष्‍ट्र सम्‍मेलन (यूएनसीईडी) का आयोजन वर्ष 1992 में रियो डि जेनारियो में किया गया था। इस शिखर स्‍तरीय बैठक में अन्‍य बातों के साथ-साथ एजेण्‍डा 21 को अंगीकार किया गया जो बाद के वर्षों में सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में वैश्‍विक रूपरेखा बन गई।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्य