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Monday, October 15, 2012

गीत गोविन्‍द

उत्तरी भारत के कृष्‍ण और राम के अनुयायियों द्वारा स्‍थानीय बोलियों में रचित साहित्‍य भारतीय साहित्‍य की अति प्रसिद्ध कृतियां है। इसमें बारहवीं शताब्‍दी के दौरान रचित जयदेव की कविताएं जो 'गीत गोविन्‍द' के नाम से प्रसिद्ध है. वे बंगाल के सेनवंश के अन्तिम नरेश लक्ष्मणसेन के आश्रित महाकवि थे। गीतगोविन्द’ काव्य में बारह सर्ग हैं, जिनका चौबीस प्रबन्धों में विभाजन हुआ है।