Wednesday, February 6, 2013

यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन आॅन क्लाइमेट चेंज

1992 में ‘यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन आॅन क्लाइमेट चेंज’ बना था और तभी से जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर चर्चा शुरू हुई। पर बीस साल का समय अब खत्म होने के कगार पर है। इस दौरान जलवायु संकट से निपटने के लिए दोहा वार्ता को लेकर अब तक अठारह बैठकें चलीं। लेकिन अभी तक इन खतरों से निपटने के लिए किसी ठोस रणनीति पर क्रियान्वयन शुरू नहीं हो पाया है। विश्व मौसम संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, 1990 से 2011 के बीच कॉर्बन डाइ आॅक्साइड और तापमान में बढ़ोतरी करने और वातावरण में लंबे समय तक रहने वाली दूसरी गैसों की वजह से जलवायु की उष्णता में तीस फीसद इजाफा हुआ है।

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