Sunday, September 9, 2012

राष्ट्रीय डेयरी योजना

भारत में दूध उत्पादन में शामिल करीब सात करोड़ ग्रामीण परिवारों में से अधिकांश छोटे और सीमांत किसान तथा भूमि रहित श्रमिक हैं। करीब 1.45 करोड़ किसानों को 1.45 लाख ग्रामीण स्तर की डेयरी सहकारी संस्थाओं की परिधि के अंतर्गत लाया जा चुका है. वर्ष 2012-17 हेतु इस परियोजना के पहले चरण का परिव्यय 2,242 करोड़ रुपये के करीब होने का अनुमान है। परियोजना के कुल परिव्यय में से 1584 करोड़ रुपये ऋण के रूप में अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी से प्राप्त किये जाएंगे जबकि इसमें केन्द्र सरकार की भागीदारी 176 करोड़ रुपये हैं।

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